रामपुर। अखिल भारतीय जाटव महासभा की ओर से शनिवार को संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि धर्म समाज को बांटता नहीं है, बल्कि कर्तव्य पथ पर चलने का संदेश देता है। समाज ने स्वार्थ में धर्म की अलग-अलग व्याख्या कर दी और अपने हिसाब से नियम तय कर दिए। इसके कारण समाज कमजोर हो रहा है। आज समाज को एकजुट रखने के लिए संत रविदास के आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।आंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह और शहर विधायक आकाश सक्सेना ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस मौके पर शहर विधायक ने कहा कि संत रविदास को समाज ने अछूत मान लिया लेकिन अपने ज्ञान के बल से वो संत शिरोमणि बने। उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि सभी लोग यदि अपने कर्म को भगवान की पूजा मानेंगे, तो समाज की सभी समस्याओं का अंत संभव है।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि संत रविदास काशी में गंगा के किनारे रहकर भी कभी गंगा स्नान करने नहीं गए, बल्कि उन्होंने अपने कार्य को अपना कर्म व पूजा बना लिया था। किंतु, वर्तमान दौर में सभी ने कर्म, पूजा, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण आदि सभी कार्यों को दूसरों के लिए छोड़ दिया है। लोग यह भूल गए हैं कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। हर कार्य की अपनी आवश्यकता होती है। यदि किसान फसल उगानी छोड़ देगा तो सब भूखे मर जाएंगे, चाहें कितना भी पैसा हो। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समाज के लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया और सभी को संदेश दिया कि संत रविदास की जयंती मनाने का लाभ तभी है, जब हम उनके बताए मार्ग पर चलने का कार्य करें। अंग्रेजों की नीतियों को त्यागकर सशक्त समाज का निर्माण करें। इस अवसर कार्यक्रम संयोजक महेश सागर, निगहत आब्दी बेगम, सलमान मियां, महावीर प्रसाद मौर्य, डॉ. दशरथ सिंह, डॉ. अरुण कुमार सिंह, अशोक रावत और दिनेश सागर समेत तमाम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मीना सिंह ने किया।
दूसरी ओर भारतीय आंबेडकर सभा के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती सैजनी नानकार में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। जिला संयोजक धर्म कुमार वाल्मीकि, महासचिव नवीन सोनू, पुष्पेंदर सिंह यादव, राजेंद्र प्रसाद गंगवार, प्रेम किशन शर्मा, अमान रजा, लक्ष्मण राठौर आदि मौजूद रहे।