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Rampur: मां ने डांटा तो बेटी हो गई आहत, कमरा बंद कर लगा ली फांसी..मिलक मुफ्ती में नौवीं की छात्रा की जान गई

Sat, 30 Dec 2023 10:49 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

पुलिस ने बताया कि मिलक मुफ्ती गांव निवासी किशोरी को मां ने नाराज होकर डांट दिया। इसके बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
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रामपुर में जान देने वाली रिंकी और परिजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मां के डांटने से नाराज कक्षा नौ की छात्रा रिंकी (15) ने फंदे से लटककर जान दे दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। यह घटना अजीमनगर थाना क्षेत्र के मिलक मुफ्ती गांव की है। गांव निवासी मक्खन सिंह मजदूरी करते हैं। उनकी पुत्री रिंकी हरि इंटर कॉलेज साल्वे नगर में कक्षा 9 की छात्रा थी।

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बृहस्पतिवार की शाम किशोरी का अपनी मां से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर मां ने बेटी को डांट दिया। इससे नाराज होकर किशोरी कमरे में चली गई और छत के कुंडे से फंदा बनाकर लटक गई। जब उसकी मां कमरे में पहुंची तो बेटी को लटका देख शोर मचा दिया। शोर सुनकर सभी परिजन आ गए और उसे फंदे से उतारा।

परिजन किशोरी को जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शुक्रवार को शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया।

दोस्त बनें अभिभावक, व्यवहार पर नजर रखें

किशोरावस्था में शारीरिक के साथ मानसिक परिवर्तन भी होते हैं। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों की बात ध्यान से सुनकर उन्हें प्यार से समझाना चाहिए। इस उम्र में बच्चों में गुस्सा जल्दी आता है। वो सही-गलत का निर्णय नहीं कर पाते। ऐसे में किशोर-किशोरियों को मानसिक रूप से सहयोग की अधिक जरूरत है।

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जिला अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ आशुतोष बताते हैं कि किशोरावस्था में नए प्रयोग करने की तीव्र इच्छा होती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की मानसिक स्थिति को समझें और उनसे दोस्त की तरह बात करें। कई बार किशोर अपनी पसंद की चीज न पाने पर गलत कदम उठा लेते हैं। अभिभावक अपने बच्चों से प्यार से समझाएं।
 

किशोरावस्था में अत्यधिक चिंता व उदासी, समय पर नींद न आना और देर रात तक जागना, घर पर पढ़ाई के दौरान एकाग्रता में बाधा आदि देखने को मिल सकती है। यदि इस तरह के लक्षण किशोरों में दिखे तब उन पर क्रोध करने की जगह उनकी समस्या को सुनें एवं उनको हौसला दें।

मन कक्ष में करें संपर्क

यदि आपको बच्चे के व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई दें तो जिला अस्पताल के मनकक्ष में संपर्क कर सकते हैं। जहां पर मानसिक बीमारियों का काउंसिलिंग के जरिये इलाज किया जाता है। इससे बच्चे फिर से सामान्य जीवन जी सकते हैं।

 

भाई के थप्पड़ मारने पर दे दी थी जान

पटवाई थाना क्षेत्र के कलरख गांव में छह दिसंबर को कक्षा तीन में पढ़ने वाले 12 वर्षीय रवि को उसके बड़े भाई रोहित ने थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज होकर उसने आत्महत्या कर ली थी। रवि नए जूते दिलाने की जिद कर रहा था। इसी पर बड़े भाई उसके थप्पड़ जड़ दिया और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया था।

भाई से विवाद में युवक ने पी लिया था कीटनाशक

शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा-करेथी गांव में पांच दिसंबर को सुबह घर में मोबाइल को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के दौरान बड़े भाई ने छोटे भाई का मोबाइल गुस्से में पटक दिया था। इससे नाराज होकर 18 वर्षीय छोटे भाई ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया था।उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिससे उसकी जान बच गई थी।

 

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