रामपुर। रामपुर महोत्सव में आयोजित गीत और संगीत कार्यक्रम में अफसरों और शिक्षकों का शानदार प्रदर्शन रहा। देश भक्ति गीत प्रस्तुत कर शिक्षकों ने समारोह में रंगभर दिया। किसी ने गजल प्रस्तुत की तो किसी ने दर्द भरे नगमें प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में गुरुवार की दोपहर संगीत महोत्सव का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम भरत तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जेपी गुप्ता और सिटी मजिस्ट्रेट सर्वेश गुप्ता ने मां सरस्वती और भगवान गणेश के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम प्रशासन और सिटी मजिस्ट्रेट ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किया। जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे तुम दिन को कहो रात तो हम रात कहेंगे। ऐ मेरी जोहरा जबीं तुझे मालूम नहीं। कजरा मोहब्बत वाला नयनों में ऐसा डाला। वो पास रहे या दूर रहे नजरों में समाए रहते हैं, जैसे गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। मोहित सक्सेना ने जहर घड़ी बदल रही है रूप जिंदगी। खुशबू गंगवार ने ओ मेरी सोना रे सोना रे जुदा मत होना रे। नादिर हुसैन ने जिंदगी की ना टूटे लड़ी प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी। कमलेश शर्मा जैसी करनी वैसी भरनी जो बोएगा वही पाएगा। संतोष प्रसाद ने क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा। फिजा इस्लाम ने मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर जो नजर से मिलाई मजा आ गया। जैसे गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। सवा यासमीन ने हर तरफ हर जगह हर कहीं पर है हां उसी का नूर। इरम गुल ने एक प्यार का नगमा है जैसे गीत प्रस्तुत कर देर तक तालियां बटोरीं। एकता गुप्ता, गुंजन शर्मा, दानिश रजा,नीरज सक्सेना, चंचल कुमार गुप्ता, इगलास मसीह, विवेक, जोगिंदर, प्रज्ञा सिंह, शालिनी रावत, बंसीलाल, विनीत कुमार अवस्थी, जितेंद्र कुमार आदि ने गीत प्रस्तुत कर देर समारोह में रंग भर दिए। संचालन रोहित कुकरेती ने किया।