रामपुर। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में रामपुर नगर पालिका क्षेत्र आम जनता की राय लेने में पीछे चल रहा है। सर्वेक्षण शुरू हुए 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक केवल दो हजार लोगों ने ही ऑनलाइन फीडबैक दिया है, जो शहर की आबादी के मुकाबले काफी कम है।
लोगों से शहर की सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, सार्वजनिक शौचालय और पालिका की कार्यशैली पर ऑनलाइन प्रतिक्रिया मांगी जा रही है, लेकिन नगर पालिका को अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल सकी है।
इसका मुख्य कारण पालिका स्तर पर प्रचार-प्रसार की धीमी गति बताई जा रही है। कई लोग अब भी नहीं जानते कि फीडबैक कैसे देना है। लोगों का कहना है कि जागरूकता अभियान, प्रचार वाहन और पोस्टर के माध्यम से प्रतिक्रिया देने वालों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
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फीडबैक के आधार पर तय होगी शहर की रैंकिंग
रामपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी को बेहद अहम माना जाता है। फीडबैक के आधार पर शहर की रैंकिंग तय होती है। ऐसे में कम भागीदारी से रामपुर की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। अब पालिका के सामने अगले 18 दिनों में ज्यादा से ज्यादा लोगों से फीडबैक दिलाने की चुनौती है।
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30 मई तक चलेगा फीडबैक अभियान
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नागरिक फीडबैक अभियान 30 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान शहरवासी मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन फीडबैक दे सकते हैं। अधिक भागीदारी होने पर शहर की रैंकिंग बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वच्छता अभियान के तहत फीडबैक मांगे जा रहे हैं। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लोग अपना फीडबैक दे सकते हैं। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका