फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

27 को सजा, 28 को गई विधायकी, 05 को विधानसभा उप चुनाव का एलान

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। सपा नेता आजम खां ने जब जेल में रहते हुए विधानसभा का चुनाव जीता था तो उनको यह उम्मीद नहीं होगी कि उनकी विधायकी इतनी जल्दी चली जाएगी। उस वक्त को उनको लगा था कि प्रदेश में सपा की सरकार आ रही है। इसी वजह से सांसद रहते हुए भी उन्होंने विधानसभा का चुनाव पड़ा था। लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था। जेल से बाहर आने के बाद नफरती भाषण के मामले में कोर्ट ने उनको 27 अक्तूबर को तीन साल कैद की सजा सुना दी। इसके बाद उनकी विधायकी रद्द कर दी गई।
विज्ञापन

आजम खां तो शुरू से विरोधियों पर तीखे हमले करने के लिए जाने जाते हैं। चुनावों के समय वो अपने विरोधियों पर जोरदार हमले करते हैं। इसी वजह से 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने उन पर कुछ पाबंदियां लगाई थी। 2019 में वो लोकसभा का चुनाव रामपुर संसदीय सीट से खुद लड़ रहे थे। इस दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खाता नगरिया में उन्होंने पीएम, सीएम और तत्कालीन डीएम पर तीखा हमला बोला था। उनके खिलाफ मिलक कोतवाली में नफरती भाषण देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनको तीन माह की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुना दी। 27 अक्तूबर को कोर्ट ने उनको सजा सुनाई। इसके बाद 28 अक्तूबर को उनकी विधायक रद्द कर दी गई। रामपुर विधानसभा सीट को सजा सुनाए जाने वाले दिन से रिक्त घोषित कर दिया गया और इसके बाद इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी गई है। इसके बाद चुनाव आयोग ने 05 नवंबर को इस सीट पर उप चुनाव कराने का एलान कर दिया। रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव के तहत 05 दिसंबर को मतदान होगा और 08 दिसंबर को परिणाम घोषित कर दिया जाएगा ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें