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Rampur Bypoll: आजम खां बोले- मेरी पत्नी को पुलिस ने दी है धमकी, ऐसे तो भाजपा प्रत्याशी को घोषित कर दें विजेता

Sun, 27 Nov 2022 12:52 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर

सार

सपा नेता ने कहा कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी व्यवस्था को शोभा नहीं देता है। उन्होंने रामपुर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि मुझे मत बचाइए। मैं तो सजायाफ्ता हूं, चुनाव तो लड़ नहीं सकता हूं। मुझे तो वोट डालने का भी अधिकार नहीं है।
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सपा नेता आजम खां - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सपा नेता आजम खां ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा पुलिस लोगों को घरों में घुसकर धमकी दे रही है। पुलिस लोगों से कह रही है कि अगर सपा को वोट दिया तो उनके घर खाली करा लिए जाएंगे। आजम खां ने कहा कि पुलिस ने उनकी पत्नी को नहीं बख्शा है, जो पूर्व सांसद और पूर्व विधायक हैं। पुलिस ने उनसे कहा है कि घर से बाहर मत निकलना। सपा नेता ने कहा है कि अगर ऐसा ही चुनाव कराना है तो चुनाव आयोग भाजपा प्रत्याशी को जीता हुआ घोषित कर दे।

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शनिवार की देर रात लगभग 12 बजे सपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आजम खां ने कहा कि हम जो आरोप लगा रहे हैं उसके प्रमाण हमारे पास हैं। वीडियो फुटेज भी हैं और रिकॉर्डिंग भी, लेकिन कुछ खास वजह से हम इसे मीडिया को उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ माह पहले संपन्न हुए लोकसभा के उपचुनाव में क्या हुआ था, किसी से छुपा नहीं है। अब विधानसभा के उपचुनाव को लेकर भी वैसा ही माहौल बनाया जा रहा है।

पुलिस ने 50 घरों के दरवाजे तोड़े- आजम
आजम खां ने आरोप लगाया कि शनिवार की रात पुलिस ने 50 घरों के दरवाजे तोड़े हैं और महिलाओं के साथ अभद्रता की है। उन्होंने कहा कि रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी और भीम आमी के चंद्रशेखर भी आने वाले हैं। आजम ने सवाल उठाया कि आखिर ये किस बात के लिए रामपुर आ रहे हैं जब यहां चुनाव ही नहीं हो रहा है। यहां तो पुलिस ने दहशत का माहौल बना रखा है।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी व्यवस्था को शोभा नहीं देता है। उन्होंने रामपुर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि मुझे मत बचाइए। मैं तो सजायाफ्ता हूं, चुनाव तो लड़ नहीं सकता हूं। मुझे तो वोट डालने का भी अधिकार नहीं है। लेकिन अपने नामों को जिनकी वजह से आपकी पहचान है, उनको बचा लीजिए। आजम ने कहा कि यह न तो कटाक्ष है और न ही नसीहत। यह दर्दमंदाना अपील है क्योंकि वो बहन-बेटियां, वो मांएं आप ही की हैं जिनके साथ अपमानजनक व्यवहार हो रहा है।
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