नूर महल में नवाब काजिम अली खां साथ स्वीडन के राजदूत
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स्वीडन और इक्वाडोर के राजदूतों ने रविवार की रात रामपुर में ही गुजारी और सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। स्वीडन के राजदूत ने अपना जन्म दिन रामपुर में मनाया। रामपुर में स्थित गांधी समाधि का इतिहास जानकर राजदूत बेहद प्रभावित हुए।
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के निमंत्रण पर भारत में स्वीडन के राजदूत जान थेस्लेफ, इक्वाडोर के राजदूत फ्रांसिस्को तियोदोरो माल्डोनाडो ग्वेरा, ग्रीस के आर्किटेक्ट अंद्रियाज एलेकजेंड्रीज, फ्रांस के इतिहासकार ग्यूलोम हुआर्ट, इजिप्ट के उद्योगपति अहमद यूसेरी, यूएई में आबूधाबी के पुलिस चीफ मोहम्मद अलफज़ारी, जॉर्डन के कारोबारी सनद आबुदाली और ब्रिटेन के व्यापारी क्रिस्टफर पर्सलव रविवार को रामपुर आए थे।
पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि स्वीडन के राजदूत जान थेस्लेफ का जन्मदिन भी नूर महल में मनाया गया। जन्म दिन पर नवेद मियां और बेगम नूरबानो ने उन्हें बधाई दी। राजदूतों को रामपुर के शाही दस्तरख्वान के व्यंजन बहुत पसंद आए। रामपुर से रवानगी के वक्त पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने उन्हें मशहूर हब्शी हलवा और पेड़े भेंट किए। नवेद मियां ने राजदूतों को रामपुर में स्थित गांधी समाधि का इतिहास बताया तो वो बहुत प्रभावित हुए, लेकिन बारिश के कारण समाधि पर जाने की इच्छा अधूरी रही। राजदूतों ने कहा कि वो फिर रामपुर आएंगे और गांधी समाधि पर जाएंगे।