रामपुर। दशकों बाद पहली बार शहर में रामलीला मंचन नहीं होगा। बुधवार को शहर में रामलीला मंचन का आयोजन करने वाली तीनों कमेटियों के पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। कोरोना संक्रमण के कारण कमेटियों ने इस बार रामलीला मंचन का आयोजन न कराने का निर्णय लिया है।
प्रदेश सरकार ने शर्तों के साथ रामलीला मंचन के आयोजन को मंजूरी दे दी थी। अमर उजाला ने बुधवार को ही इस बार रामलीला मंचन न होने की आशंका व्यक्त कर दी थी। बुधवार को रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए निर्णय पर मोहर लगा दी गई। नगर में कोसी मार्ग रामलीला मैदान, सिविल लाइंस रामलीला मैदान और ज्वालानगर रामलीला मैदान में तीन स्थानों पर रामलीला का आयोजन कराया जाता है। दशकों से तीनों स्थानों पर रामलीला का मंचन हो रहा है। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण बदले हालातों के चलते अभी तक रामलीला मंचन पर कोई निर्णय नहीं हो सका था। हालांकि प्रदेश सरकार ने कुछ शर्तों के बाद रामलीला मंचन के आयोजन को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद बुधवार को श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी कोसी मार्ग, श्री हरि आदर्श रामलीला कमेटी सिविल लाइंस और आदर्श रामलीला कमेटी ज्वालानगर के पदाधिकारियों ने कोरोना काल में रामलीला मंचन को लेकर बैठक की। जिसमें इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए रामलीला मंचन के आयोजन न कराने का निर्णय लिया गया। तीनों कमेटियों के पदाधिकारियों ने अपील की है कि अयोध्या में होने वाली कलाकारों की रामलीला मंचन का प्रसारण विभिन्न चैनलों पर 17 से 25 अक्तूबर तक श्रद्धालु देखें। बैठक में वीरेंद्र गर्ग, वेदप्रकाश वर्मा, ईश्वर सरन अग्रवाल, सुभाष चंद्र अग्रवाल, महेश कुमार जुनेजा, राकेश कुमार जुनेजा, सतीश चंद्र भाटिया, पवन कुमार बांगा, नवीन भाटिया, अनिल कुमार अरोड़ा, अवधेश शर्मा, अनुज सक्सेना, रमेंद्र गुप्ता, डॉ. तेजवीर यादव मौजूद रहे।