शाहबाद। जामा मस्जिद में रमजान के पाक महीने में तरावीह की नमाज में कुरान मुकम्मल किया गया है। कुरान मुकम्मल के बाद देश में अमन और चैन के लिए व कोरोना से निजात के लिए दुआ की गई।
सोमवार रात को नगर की जामा मस्जिद में कुरान-ए-पाक मुकम्मल हुआ। नगर की जामा मस्जिद में हाफिज मुनीब ने कुरान पाक सुनाया और उनके सुनने वाले (समाअत) के फराइज को अंजाम जामा मस्जिद के इमाम सैय्यद अब्दुल जब्बार ने दिए। कुरान-ए-पाक मुकम्मल होने के दौरान शहर इमाम ने लोगों को तकरीर के जरिए बताया कि मुसलमानों को अपनी जिंदगी में कुरान को मजबूती से पकड़े रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि हर मुसलमान को कलमा-ए-तय्यबा का जिक्र हर वक्त करते रहना चाहिए। जब कोई मोमिन पूरे महीने रोजा रखता है और फिर ईद की नमाज अदा कर्ता है, तो अल्लाह उस बंदे के सर से लेकर पैर तक के सारे गुनाह माफ कर दिया करता है। अल्लाह का बंदा ऐसा हो जाता है कि जैसे वह आज ही अपनी मां के पेट से पैदा हुआ है। तकरीर में उन्होंने बताया कि बहुत ही बदनसीब है, वो मोमिन बंदे, जो इस महीने की फजीलत को हासिल नहीं करते है और अल्लाह जो इस पाक महीने में अपने खजाने लूटा रहा है और बदनसीब बंदे उन्हें लूटते नहीं और छोड़ दिया करते है। सभी मोमिनों से रोजे और नमाज को कहा। इसके बाद दुआ की गई। दुआ में शरीक होने वाले बाबू अली, हाफिज नसीम, डॉक्टर सालिम, खालिद मियां, मुजीब नजमी, फराज आदि मौजूद रहे।