रामपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक को शिक्षकों के लिए डेथ वारंट बताया है। इसको लेकर शिक्षकों ने विधेयक की प्रतियां जलाईं। साथ ही प्रदेश सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की है।
सोमवार को शिक्षक एकत्र होकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 शिक्षकों के लिए डेथ वारंट है। इसके तहत शिक्षक किसी भी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट नहीं जा सकते। जबकि, अब तक शिक्षकों को सरकार के किसी निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का अधिकार था। उन्होंने कहा कि इस कानून से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों पर आघात होगा। शिक्षकों को न्याय मिलने की संभावनाएं शून्य हो जाएंगी। ऐसी स्थिति में शिक्षकों की सेवा खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने इस कानून को वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर चरन सिंह, सईद सागर, प्रेम सिंह चौहान, बबीता सिंह, तरूण पांडेय, विक्रम कुमार, पीयूष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।