फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाओं ने छीने डंडे, पुलिस को दौड़ाया

Mon, 25 Apr 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
विज्ञापन
रामपुर में शनिवार को आलियागंज प्रकरण को लेकर हुए बवाल के दौरान ग्रामीणों की ओर से किया गया पथराव और बचती पुलिस।
विज्ञापन

विज्ञापन
 आलियागंज में गुस्सा फूटा तो महिलाएं और बच्चे तक पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। युवाओं, महिलाओं के हाथों में पेड़ों की मोटी डालियां, पत्थर थे। बच्चे भी पत्थर फेंक रहे थे।इधर से पुलिस गांव की ओर दौड़ाती तो उधर से पुरुषों, युवाओं के साथ महिलाएं पथराव करते हुए पुलिस को पीछे हटने को मजबूर करतीं।

रविवार सुबह होते सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल और सीओ सिटी आले हसन ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की भूख हड़ताल को समाप्त कराने की कोशिशें शुरू हो गई। उनके न मानने पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को जबरन उठाकर एक गाड़ी में बिठाकर पुलिस ले गई। फिर क्या था। आलियागंज के पुरुष, महिलाएं, बच्चे सड़कों पर उतर आए।
विज्ञापन


मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। पथराव शुरू कर दिया। पथराव से कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई। अधिकारियों की गाड़ियां भी पत्थर पड़ने से क्षतिग्रस्त हुईं। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क पर ही जाम लगा दिया।

मौके पर एडीएम, एसडीएम, एएसपी भी पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने जाम लगाए ग्रामीणों को सड़क से हटाने के लिए लाठियां पटकनी शुरू की तो ग्रामीणों ने फिर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान दरोगा समेत दस पुलिसकर्मी जख्मी हुए। पथराव कर रहे ग्रामीणों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों ने हवाई फायर भी किए। 

फायरिंग शुरू होने पर ग्रामीण गांव में घुस गए। ग्रामीणों ने पुलिस से बचने के लिए गांव में घरों के बाहर एकत्र भूसे और कूड़े के ढेरों पर आग लगा दी। पुलिस-पीएसी गांव में घुसी तो फिर पत्थर बरसने लगे।
विज्ञापन


हवाई फायरिंग करते हुए पुलिस कई घरों में घुसी। एक दो जगह दरवाजे भी तोड़े। घरों के अंदर से लोगों को निकालकर लाठियों से पीटा। घरों के बाहर खड़ी हुई बाइक सहित अन्य सामान तोड़ा। करीब तीन घंटे तक चले बवाल को काबू करने में पुलिस, प्रशासनिक अफसरों के  पसीने छूट गए। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें