व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों की वजह से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हो रहा है, उस पर भी रोक लगाई जाए। इस मौके पर नवीन भाटिया, चिराग गर्ग, प्रशांत अग्रवाल, राजीव आर्य, मुनीश गुप्ता, आशीष अरोड़ा, महेंद्र गुप्ता, हरजीत सिंह, हरभजन सिंह और सर्वेश रस्तोगी मौजूद रहे।
रामपुर। ऑनलाइन कारोबार वाली कंपनियों पर 20 फीसदी विकास कर लगाए जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग की अनुमति सरकार को बंद कर देनी चाहिए। साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर रोक लगाई जाए।
विज्ञापन
व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों की वजह से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे लाखों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट उठ खड़ा हुआ है। इसकी वजह से देश के लगभग सात करोड़ व्यापारियों का कारोबार धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है। व्यापारियों के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों के रोजगार पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ऑनलाइन कंपनियों पर रोक नहीं लगाई तो घरेलू व्यापार पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। इसका नुकसान सरकार को भी उठाना पड़ेगा।
संगठन के महामंत्री कमल रस्तोगी ने कहा कि ऑनलाइन कारोबार करने वाली कई कंपनियां विदेशी भी हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य मुनाफा कमाना है। सरकार जब एक तरफ स्वदेशी को बढ़ावा दे रही है तो दूसरी ओर से विदेशी कंपनियों को ऑनलाइन करने की अनुमति क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हो रहा है, उस पर भी रोक लगाई जाए। क्योंकि विदेशी कंपनियां कभी भी अपना निवेश निकाल सकती है। इस मौके पर नवीन भाटिया, चिराग गर्ग, प्रशांत अग्रवाल, राजीव आर्य, मुनीश गुप्ता, आशीष अरोड़ा, महेंद्र गुप्ता, हरजीत सिंह, हरभजन सिंह और सर्वेश रस्तोगी मौजूद रहे।