भोट में आबादी के बीच से निकाले जा रहे काठगोदाम हाईवे का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। विरोध में अब ग्रामीण और किसान संगठन भी कूद पड़े हैं। भाकियू ने प्रदर्शन कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण भी आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। गांववालों ने चेतावनी दी है कि एक भी मकान टूटा तो सड़कों पर आंदोलन छेड़ देंगे। आसपास गांव के लोगों ने भी आंदोलन में सहयोग की वादा किया है।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में भोट, थूनापुर मिलक याकूब अली के ग्रामीण एडीएम से मिले और ज्ञापन सौंपा। उसमें कहा है कि आबादी के बीच नेशनल हाईवे निकालने से तमाम मकान, दुकानें और धार्मिक स्थल आ रहे हैं। इसलिए आबादी के बाहर से हाईवे निकाला जाए। किसानों का कहना था कि वह इसके लिए अपनी कृषि की भूमि देने को तैयार हैं। इसके बाद ग्रामीण वापस भाकियू कार्यालय पर आए और आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की।
ज्ञापन देने वालों में वीरेंद्र यादव, उस्मान अली पाशा, मोहम्मद तालिब, मुर्शीद हसन, दिलदार हुसैन, बीएस विश्वास, फारूख अहमद, खुर्शीद अहमद, मुजफ्फर अली, मोहम्मद अली, रमेश कश्यप, महेश शामिल थे।
भोट की प्रधान रईस जहां, डा. बीके विश्वास, सोमपाल, बीरवल, प्रेमपाल, मुकुट लाल, भजन लाल, वीर सिंह, अफसर अली, सत्यपाल ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में आबादी से बाहर नेशनल हाईवे निकालने की मांग की। चेतावनी दी कि वह किसी भी हालत में आबादी के बीच हाईवे नहीं निकालने देंगे।