रामपुर-काठगोदाम हाईवे को भोट गांव के बीच से न निकाले जाने की मांग को लेकर कई गांव के लोगों ने हाईवे किनारे धरना प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन भी भेजा। ग्रामीणों का कहना था कि वह जान दे देंगे, मगर हाईवे चौड़ीकरण को अपनी जमीन नहीं देंगे।
भाकियू के बरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में कई गांव के किसान मिलक याकूब गांव में नैनीताल हाईवे किनारे पूर्वाह्न 11 बजे एकत्र सभी ने हाईवे अथारिटी के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना शुरु कर दिया। धरना देने वालों का कहना था कि भोट गांव के बीच से हाईवे का चौड़ीकरण हुआ तो तमाम लोग बेघर, दुकानें टूटने से बेरोजगार व खेतों से भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह लोग मर जाएंगे, मगर अपनी एक इंच जमीन नहीं देंगे।
दोपहर बाद डीएम के आदेश सदर के नायब तहसीलदार रामवीर सिंह धरना स्थल पहुंचे, जहां किसानों ने उन्हें ज्ञापन देकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। उन्होंने जिलाकारी को उनकी बात पहुंचाने का वादा भी किया। इसके बाद तीन बजे धरना खत्म हो गया। इस मौके पर धरने को डा जमील अहमद, विनोद यादव, दिनेश पाल, नूर अहमद, छोटे लाल, होरी लाल आदि ने संबोधित किया।