भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता कोयला टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन भी किया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को भी धरना दिया था, लेकिन अधिकारियों के समझाने पर तीन घंटे में धरना समाप्त कर दिया था।
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून के विरोध में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता सुबह दस बजे रामपुर काठगोदाम हाईवे में कोयला टोल प्लाजा पर पहुंच गए। इसके बाद किसान रामपुर की ओर आ रही टोल प्लाजा की एक लेन को बाधित कर बीच लेन में दरी बिछाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। किसानों ने गुरुवार को भी टोल प्लाजा पर तीन घंटे तक धरना दिया था। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया था।
शुक्रवार को किसानों ने टोल प्लाजा पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू करने का एलान कर दिया है। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों का उत्पीड़न करने पर आमादा है। छह माह से भी अधिक समय से पूरे देश के किसान दिल्ली की सीमांओं पर धरने पर बैठकर किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार और देश के प्रधानमंत्री हैं कि किसान विरोधी कानूनों को जबरन अमल में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिना किसानों की मर्जी के कृषि कानून बनाना सरासर गलत है और देश के किसान अब अनिश्चितकालीन धरने पर टोल प्लाजा में बैठ गए हैं। किसान विरोधी कानून वापस लिए जाने पर ही अब किसान आंदोलन खत्म होगा। इस दौरान किसानों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं टोल प्लाजा पर किसानों के धरने पर बैठने की सूचना पर थानाध्यक्ष भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समझाया, मगर वह नहीं माने। इस दौरान विनोद यादव, हरपाल, होरीलाल, साबिर अली, इरफान हसन, शाकिर अली, नदीम अहमद, अब्दुल मुस्तफा, मुजफ्फर अली, फरमान आदि मौजूद रहे।
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