दढ़ियाल (रामपुर)।नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दढ़ियाल में उलेमा ने टांडा तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी स्वार को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित दिए गए ज्ञापन में नागरिकता संशोधन कानून को धर्म के आधार पर बनाने का आरोप लगाते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई है।
सोमवार जौहर की नमाज के बाद कस्बे की मोहल्ला पढ़ाव स्थित जामा मस्जिद पर शहर इमाम मौलवी मौहम्मद उस्मान मिफ्ताही ,मौलाना मौहम्मद सलीम ,कारी नसीम ,मौलवी अनीस ,हाफिज अकबर अली ,प्रधान मेहबूब अहमद ,मोहम्मद फारूक आजाद ,पूर्व प्रधान खुर्शीद अहमद फारूकी ,हाफिज फारूक आदि बड़ी संख्या में कस्बे के गणमान्य लोग एकत्रित हुए । उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टांडा तहसीलदार रणविजय सिंह और क्षेत्राधिकारी स्वार ब्रह्मपाल सिंह बालियान को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा । इस दौरान जामा मस्जिद और उसके आसपास टांडा कोतवाल दुर्गा सिंह ,दढ़ियाल चौकी इंचार्ज अमित कुमार ,कानूनगो जयपाल सिंह ,एलआईयू प्रभारी महेश चंद्र शर्मा सहित भारी पुलिस बल तैनात था । ज्ञापन में वर्तमान भारत सरकार पर आरोप लगाया गया है कि जब से देश आजाद हुआ है सभी सरकारों ने संविधान के अनुसार काम किया है लेकिन वर्तमान सरकार धर्म के आधार पर कार्य कर रही है । सीएए में मुसलमानों को अलग कर दिया गया है जिससे नफरत और जुल्म को बढ़ावा मिला है। पूरे देश में छात्र सहित आम लोग धरना प्रदर्शन कर इसका विरोध कर रहे हैं।प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत हो चुकी है यह कानून हमें मंजूर नहीं है इसलिए इसे वापस लिया जाए। ज्ञापन में किसी व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार अथवा भेदभाव ना किए जाने की अपील की गई है।