पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी का विरोध बढ़ता जा रहा है। हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान को लेकर मुस्लिम समाज गुस्से में हैं। जामा मस्जिद में सोमवार को उलमा और मुस्लिम तजीमों से जुड़े लोग जुटेंगे। बाजार और तालीमी इदारे भी बंद रहेंगे।
उलमा और मुस्लिम तंजीमों ने प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति बनाई।पैगंबर-ए-इस्लाम की शान मे गुस्ताखी करने वाले का विरोध जारी है। मुस्लिम समाज गुस्से में हैं। उलमा और मुस्लिम तंजीमें सड़कों पर उतर आई हैं। उलमा ने सात दिसंबर यानी सोमवार को बाजार बंद का ऐलान किया है।
साथ ही तालीमी इदारे भी बंद रहेंगे। उलमा और मुस्लिम तंजीमों से जुड़े लोग जामा मस्जिद में जुटेंगे। जामा मस्जिद से जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचेंगे। डीएम के जरिये राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। मुस्लिम तंजीमों के प्रोग्राम को लेकर प्रशासन और पुलिस कड़ी नजर रखे हुए है। खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गईं हैं।
मुस्लिम समाज के लोग और उलमा पूरे दिन सोमवार के प्रोग्राम को लेकर रणनीति तैयार करने में जुटे रहे। शहर में रविवार को भी कई जगह विरोध-प्रदर्शन किया गया। मुस्लिम समाज हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी को कड़ी सजा देने और संगठन पर पाबंदी लगाने की मांग कर रहा है।
छात्र संघ उपाध्यक्ष अयान खां के आवास पर बैठक में फैसला लिया कि सोमवार को राजकीय डिग्री कालेज खुलने नहीं दिया जाएगा। पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में फैजान खां, अदनान खां, हस्सान, फसाहत अली खां, हारिस खां, इंतकाब, आदिल, दाऊद शाह, अमानत, मंजू, रिसालत भी थे।