रामपुर। नगरपालिका से 17 साल पहले चोरी हुई तिजोरी की तलाश में पुलिस शुक्रवार को सपा नेता आजम खां के रिसोर्ट पर पहुंची। पुलिस ने वहां लगभग एक घंटे तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद पुलिस वापस लौट आई।
नगरपालिका परिषद रामपुर की तिजोरी 2005 में चोरी हो गई थी। तिजोरी में कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 11.50 रुपये और कुछ कारतूस रखे हुए थे। इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। उस वक्त पालिकाध्यक्ष रेशमा अफरोज थीं। कुछ दिन पहले पूर्व पालिकाध्यक्ष रेशमा अफरोज ने अपने पति पूर्व विधायक अफरोज अली खां के साथ कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर पालिका की चोरी हुई तिजोरी बरामद करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि रामपुर में सबको पता है कि तिजोरी की चोरी में किसका हाथ है। जौहर यूनिवर्सिटी से पालिका की सफाई मशीन और मदरसा आलिया से चोरी हुई किताबें और अलमारी मिलने के बाद पुलिस ने तिजोरी की तलाश तेज कर दी थी। सीओ सिटी अनुज चौधरी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस शुक्रवार की शाम अचानक आजम खां के हमसफर रिसोर्ट पर पहुंच गई। यह रिसोर्ट आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के नाम पर है। पुलिस वहां लगभग एक घंटे तक रही और रिसोर्ट का एक-एक कमरा खोलकर तलाशी ली। पुलिस ने रिसोर्ट के परिसर में भी सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुछ नहीं मिलने पर पुलिस की टीम वापस लौट आई। इस दौरान एसडीेएम सदर निरंकार सिंह भी पुलिस टीम के साथ रहे।
सीओ सिटी अनुज चौधरी ने बताया कि हमारे पास कुछ इनपुट था। उसके आधार पर हमसफर रिसोर्ट में तलाशी ली गई है। पुलिस ने यहां लगभग एक घंटे तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह सर्च अभियान विवेचना का हिस्सा है।