शेर की प्रतिमा और बिलियर्ड्स की टेबल पर भी पुलिस की नजर
क्रासर----
रिपोर्ट दर्ज करने की थी तैयारी, नीलामी की बात सामने आने पर पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाला
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी में शेर की दो मूर्तियां और बिलियर्ड्स की एक टेबल भी पुलिस को मिली है। पुलिस को शक है कि ये दोनों मूर्तियां और बिलियर्ड्स की टे बल रियासतकालीन रामपुर से क्लब से लाई गई हैं। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन अचानक पता चला कि यह मुद्दा पहले भी उठा था। उस वक्त आजम खां ने कहा था कि हमने ये मूर्तियां नीलामी में ली हैं। इसकी जानकारी होने के बाद लोक निर्माण विभाग के दस्तावेज खंगाले गए। कुछ जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
जौहर यूनिवर्सिटी से सफाई करने वाली मशीन, किताबें और अलमारी बरामद करने के बाद पुलिस की नजर वहां पर रखी गई शेर की मूर्तियों और बिलियर्ड्स की टेबल पर पड़ी। पुलिस ने आननफानन इस मामले में मुकदमे में तैयारी कर ली। सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर भी ले गई। लेकिन अचानक से नीलामी की बात सामने के बाद पुलिस के कदम ठिठक गए। पुलिस को लगा कि अगर शेर की मूर्तियां व बिलियर्ड्स के टेबल की नीलामी रामपुर क्लब के मलबे के साथ की गई होगी तो किरकिरी हो जाएगी। रियासत काल में जौहर अली रोड पर रामपुर क्लब का निर्माण किया गया था। इस क्लब की बिल्डिंग को जर्जर बताकर सपा शासनकाल में तोड़ दिया गया और वहां पर हॉस्टल का निर्माण कराया गया है। क्लब के गेट पर शेरों की दो बड़ी मूर्तियां लगी हुई थीं और इसके हॉल में बिलियर्ड्स का टेबल भी था। क्लब की बिल्डिंग को तोड़ने के बाद इसके मलबे की नीलामी पीडब्ल्यूडी ने कराई थी। पुलिस के पास इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं है कि रामपुर क्लब के मलबे में शेर की प्रतिमा और बिलियर्ड्स की टेबल शामिल है नहीं है। इस वजह से इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
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दिन भर तैनात रही पुलिस, नहीं चला सर्च अभियान
रामपुर । जौहर यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार को भी पुलिस तैनात रही। वहां पर अजीमनगर थाने की पुलिस थी। संभावना जताई जा रही है कि परवेज और सलाउद्दीन को वहां ले जाकर पुलिस कुछ अन्य सामान बरामद कराने की कोशिश करेगी। पुलिस अधिकारियों ने पहले सुबह 10 बजे फिर दोपहर बाद यूनिवर्सिटी पहुंचने की बात कही, लेकिन सर्च करने के लिए पुलिस वहां नहीं पहुंची। जानकारों की माने तो विधानसभा में इस मामले के उठने के बाद पुलिस भी कुछ ऐसा नहीं करना चाहती है जिससे सरकार की किरकिरी हो।