रामपुर। आजम की रिहाई को लेकर जिले की पुलिस टीम और खुफिया तंत्र सोमवार रात से ही सक्रिय हो गया। आजम खां के घर पहुंचने तक पुलिस अमला सक्रिय रहा। एसपी कंट्रोल रूम में बैठकर इसकी निगरानी करते रहे। उधर, जिले के कई थानों की पुलिस को शहर और बरेली-रामपुर रोड पर तैनात किया गया था। मिलक से लेकर रामपुर तक आजम खां में काफिले में शामिल वाहनों को कई जगह रोका गया।
बरेली-रामपुर बॉर्डर पर पुलिस ने आजम खां का काफिला रोका। इसके बाद पांच-पांच गाड़ियों को 20 से 30 मिनट के अंतराल पर शहर में प्रवेश करने दिया गया। रेलवे स्टेशन से लेकर गांधी समाधि तक चौराहे, तिराहे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
आजम के शहर में दाखिल होते ही कोतवाल आजम खां के घर के पास अपनी गाड़ी से भीड़ हटाते देखे गए। उधर, पुलिस ने जेल के पास बने चौराहे से आजम के घर तक एक तरफ की सड़क को वन वे कर दिया। इस दौरान इस सड़क से वाहन और पैदल जाने वालों को रोक दिया गया। आजम खां के समर्थकों ने कहा कि उनके वाहन को मिलक से लेकर रामपुर आने तक पांच जगह रोका गया।
घर को मालाओं से सजाया गया
आजम खां की रिहाई से पहले ही उनके समर्थकों ने उनके घर को बिजली की मालाओं से सजा दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि इससे पहले जब आजम जेल से छूट कर आए थे, तब भी ऐसे ही सजाया गया था। आजम खां के आने से पहले लोगों ने आतिशबाजी भी की।
सेल्फी लेने लने वालों की लगी रही भीड़
आजम के साथ फोटो खिंचवाने और तस्वीर लेने वाले उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ गई। जैसे ही आजम खां का काफिला उनके घर के पास स्थित जेल के गेट पर पहुंचा तो उनके समर्थकों ने वाहनों को घेर लिया। कोई वीडियो बनाने लगा तो कोई कार के बाहर खड़े होकर सेल्फी ने लगा।
कई लोग नाली में गिरे, कई के जूते-चप्पल छूटे
आजम खां का काफिला जैसे ही घर के पास पहुंचा तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उनके कुछ समर्थक वाहन के लिए रास्ता बनाने लगे। रास्ता बनाने के दौरान कई लोग कई बार धक्का लगने के कारण नाली में गिर गए। कई लोगों के चप्पल-जूते मौके पर ही छूट गए।