मारपीट के मामले में आरोपी के घर दबिश देने गई पुलिस ने सिविल लाइंस क्षेत्र के मिलक चिकना गांव में एक बेगुनाह ग्रामीण को बेरहमी से पीटा। जब गांव वालों ने विरोध किया तो पुलिस ने पूरे गांव में जमकर कहर बरपाया। महिलाओं और ग्रामीणों को जमकर पीटा। पुलिस ने बारातियों को भी नहीं बख्शा।
दूल्हे की भी पिटाई कर डाली। उसे हिरासत में ले लिया। बाद में पुलिस ने खुद पर हमले का आरोप लगाते हुए गांव के 17 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले, राइफल-मैगजीन और वायरलेस छीनने समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस के कहर से ग्रामीण पूरी तरह भयभीत हैं। गांव से पुरुष पलायन कर गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस उगाही के लिए गांव पहुंची थी, जहां विरोध किया तो उल्टा ही उन लोगों को पीटा ही नहीं बल्कि मुकदमा भी लिख डाला।
यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहतर पुलिसिंग को लेकर गंभीर हैं। डीजीपी ने भी पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर संबंध बनाने के आदेश दिए हैं, लेकिन रामपुर पुलिस का नजरिया अभी नहीं बदला है। रामपुर पुलिस मुख्यमंत्री योगी और डीजीपी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रही है। मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मिलक चिकना गांव का है, जहां पुलिस ने रविवार रात करीब 12 बजे ग्रामीणों के साथ बर्बरता की। अजीतपुर चौकी इंचार्ज सुभाष चंद यादव भैंस को टक्कर मार देने के आरोपी युवक की गिरफ्तारी को गांव के मोहर सिंह के घर पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस ने यहां एक युवक को हिरासत में लिया था, इस दौरान एक बेगुनाह ग्रामीण को बेरहमी से गिरा-गिराकर पीटा, गांव वालों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद पुलिस ने कहर बरपाया।
पुलिस ने यहां लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने जमकर कहर बरपाया। पुलिस का आरोप है कि पुलिस कर्मियों को घेरकर पीटा गया। राइफल-मैगजीन और वायरलेस छीन लिया। इस दौरान वर्दी भी फट गई। पुलिस तो ग्रामीणों पर फायरिंग करने तक का आरोप लगाया है। पुलिस के कहर से लोगों ने आस-पास खेतों में भागकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते मिलक चिकना गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इसके बाद तो पूरे गांव में रात भर दहशत कायम रही। दिन में भी गांव में दहशत का माहौल रहा। पुलिस ने यहां बारातियों को भी नहीं बख्शा और दो घरों में बारात के दूल्हे को भी हिरासत में ले लिया। बाद में पुलिस ने हालांकि दूल्हे को मारपीट कर छोड़ दिया। पुलिस के इस कहर से लोगों में दहशत है।