चंदौसी। मासूमों का हक जब चंद सिक्कों की खनक के आगे घुटने टेक दे तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। आंगनबाड़ियों के जरिये गरीब बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए मिलने वाला पोषाहार भ्रष्ट तंत्र और बिचौलियों की मिलीभगत से दुकानों तक पहुंच रहा है। गांव गुमथल में शनिवार को बाइक पर पोषाहार से भरा प्लास्टिक का बोरा ले जाते समय युवक को पकड़ने का प्रयास किया तो वह बोरा छोड़कर भाग निकला।
गांव गुमथल में शनिवार की सुबह आंगनबाड़ी केंद्र पर एक ग्रामीण अपनी पत्नी के साथ पोषाहार लेने के लिए गया था। इसी दौरान ग्रामीण की नजर एक बाइक सवार पर पड़ी। उसकी बाइक पर प्लास्टिक के बोरे में एक बड़ा बैग था। संदेह होने पर ग्रामीण ने बाइक सवार युवक को रोककर पूछताछ की, तो वह बाइक लेकर भाग निकला लेकिन हड़बड़ाहट में उसका बोरा मौके पर ही छूट गया। ग्रामीणों ने बोरा खोलकर देखा तो उसमें पोषाहार निकला।
सूचना पाकर विभागीय सुपरवाइजर मोनिका गोस्वामी मौके पर पहुंची और पोषाहार से भरे बैग को सुरक्षित एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास रखवा दिया और उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के हक के राशन वितरण में लंबे समय से अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
गुमथल गांव में पोषाहार का मामला संज्ञान में है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में पोषाहार की बिक्री या कालाबाजारी की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -महेश कुमार, डीपीओ