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Rampur News: हाईकोर्ट पहुंचा पाकिस्तानी शिक्षिका का मामला, गिरफ्तारी पर रोक

Fri, 10 Apr 2026 02:36 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। फर्जी दस्तावेजों के जरिये बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी पाने की आरोपी पाकिस्तानी महिला नागरिक फरजाना को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी और विवेचना समेत सभी कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले में अब 13 अप्रैल को सुनवाई होगी।
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पुलिस के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आतिशबाज निवासी अख्तर अली की बेटी फरजाना उर्फ माहिरा अख्तर ने 17 जून 1979 को पाकिस्तान निवासी सिबगत अली से निकाह किया था। निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गईं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली। वहां उनकी दो बेटियां आलिमा और फुरकाना हुईं। करीब तीन साल बाद पति ने तलाक दे दिया, जिसके बाद वह दोनों बेटियों के साथ मायके लौट आईं।
वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रही फरजाना के खिलाफ स्थानीय अभिसूचना इकाई ने वर्ष 1983 में शहर कोतवाली में विदेश अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। 25 जून 1985 को सीजेएम कोर्ट ने मुकदमे की समाप्ति तक उपस्थित रहने के आदेश दिए थे।
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माहिरा अख्तर ने पाकिस्तान की नागरिकता का तथ्य छिपाकर 22 जनवरी 1992 को प्राइमरी स्कूल में शिक्षक की नौकरी हासिल की। बाद में उनकी तैनाती सैदनगर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कुम्हरिया में हुई। रामपुर में रह रही इस पाकिस्तानी नागरिक को एलआईयू ने वीजा अवधि बढ़वाने के लिए नोटिस भी जारी किया था।
सैदनगर ब्लॉक में तैनात इस शिक्षिका फरजाना को वर्ष 2021 में बर्खास्त कर दिया गया। शासन के निर्देश पर तथ्य छिपाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में छह जनवरी 2026 को अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश में छापेमारी की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सकीं।
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अब मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है, जहां शिक्षिका की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई तक गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।
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