रामपुर। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है। शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का आदेश रास नहीं आ रहा है। जिले में दो हजार से अधिक टैबलेट बांटे जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर शो-पीस बने हैं।शिक्षक संगठनों का कहना है कि पहले विभाग उनकी मांगें पूरी करे और विसंगति दूर करे। नेट उपलब्ध कराएं। अफसर भी ऑनलाइन हाजिरी लगाएं तब वे भी इसका पालन करेंगे। जिले में छह विकास खंड सहित नगरीय क्षेत्र में 1596 बेसिक स्कूल संचालित हैं। इनमें 1.65 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। जिनमें छह हजार अध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
अब तक 2392 टैबलेट शिक्षकों को बांटे जा चुके हैं। इनमें शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बताते हैं कि फिलहाल ज्यादातर स्कूलों में इस मुद्दे को लेकर शिक्षक लामबंद हैं। बीआरसी से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन कर ज्ञापन भी भेज चुके हैं।
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बोले शिक्षक
बेसिक शिक्षा नियमावली में भी ऑनलाइन उपस्थिति का प्रावधान नहीं है। बीएसए ऑफिस से लेकर अन्य बेसिक शिक्षकों के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं।
रवेंद्र गंगवार, शिक्षक नेता।
ऑनलाइन उपस्थिति अव्यावहारिक है। अगर शिक्षक एक सेकंड भी लेट हो जाता है तो वह अनुपस्थित हो जाएगा। हाॅफ डे का प्रावधान नहीं है। अगर शिक्षक को स्कूल आने के बाद कोई समस्या होती है तो वह अवकाश नहीं ले सकता है। इसी कारण ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध किया जा रहा है।
आनंद प्रकाश गुप्ता, शिक्षक नेता
2392 टैबलेट शिक्षकों को बांटे जा चुके हैं। अभी शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति शुरू नहीं हुई है। जो भी शासन से गाइडलाइन आएगी, उसका पालन कराया जाएगा।
संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी