रामपुर। शाहबाद के युवक की हत्या कर उसकी लाश बिलारी थाना क्षेत्र में फेंक देने के 13 साल पुराने मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है, जबकि दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
शाहबाद क्षेत्र के सैफनी क्षेत्र के बल्लुपुरा गांव निवासी कमल सिंह ने 28 मार्च 2013 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसका भाई यादराम खेत पर गया था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। तीन अप्रैल को बिलारी के तुरखेड़ा गांव के तालाब में उसके भाई यादराम की लाश मिली थी। उसके पिता ने यादराम की लाश की पहचान की थी। आरोप है कि जिस दिन उसका भाई गायब हुआ था, उस दिन वह कुछ लोगों के साथ जाते हुए देखा गया था।
पुलिस ने उसकी तहरीर पर गांव के कुंवरसेन, रणवीर उर्फ हुकमी और राकेश के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की तफ्तीश करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आरोपियों के खिलाफ सुबूत पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से आरोपियों को रंजिशन फंसाने की बात कही गई।
एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने गांव निवासी कुंवरसेन को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले में राकेश और रणवीर को बरी कर दिया।