बिलासपुर (रामपुर)। तहसील में अधिकारी अक्सर कार्यालयों से नदारद रहते हैं, ऐसे में फरियादी कार्यालयों के चक्कर काट-काटकर घनचक्कर बन गए हैं। बुधवार को भी एसडीएम व तहसीलदार कार्यालय के बाहर लोग सुबह से ही फरियाद लेकर पहुंच गए, लेकिन दोनों अधिकारी नदारद थे।
लोगों का आरोप है कि अधिकारी प्रतिदिन निर्धारित समय पर अपने कार्यालय में नहीं बैठते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार की सुबह तहसील में फरियाद लेकर सुबह से ही लोग पहुंच गए और एसडीएम व तहसीलदार कार्यालय के बाहर लोग खड़े नजर आए। काफी देर इंतजार करने के बाद दोनों अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि एसडीएम के अस्वस्थ्य हैं और तहसीलदार के जिला मुख्यालय में मीटिंग में गए हैं। लोगों का आरोप था कि अक्सर उच्चाधिकारी अपने कार्यालय में नहीं मिलते हैं, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि वह लोग किराया भाड़ा खर्च करके तहसील पहुंचते हैं। काम न होने पर उन्हें मायूस होकर वापस अपने घरों को लौटना पड़ता है।
यह बोले लोग
सर्दी शुरू होते ही लेखपाल ने एक अदद कंबल देने के लिए उनका नाम सूची में शामिल कर लिया था, लेकिन आज तक मुझे कंबल नहीं मिला है। इसी तरह राशन कार्ड बनवाने के लिए बीते कई माह से तहसील के चक्कर लगा रही हूं। -मीना, ग्राम कुईया बिलासपुर
मैं अपनी बहन की आराजी की पैरवी कर रहा हूं। पक्की पैमाइश कराने के लिए काफी समय से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अधिकारी व कर्मचारी समस्या का कोई समाधान नहीं कर पा रहे हैं। -मोहर सिंह, ग्राम कुर्थिया,
मैं अस्वस्थ्य हूं, इसलिए आज कार्यालय नहीं पहुंचा था। बृहस्पतिवार से कार्यालय पहुंचूंगा। अरुण कुमार, एसडीएम बिलासपुर
मैं निर्वाचन व बोर्ड परीक्षा संबंधी बैठक में भाग लेने के लिए जिला मुख्यालय गया था। इसलिए आज कार्यालय में समय नहीं दे सका। शिव कुमार शर्मा, तहसीलदार बिलासपुर