मातृ वंदना योजना का पोर्टल बंद होने से पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मार्च 2023 से योजना का पोर्टल बंद है। इस कारण तीन हजार महिलाएं लाभ पाने से वंचित हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि शासन से पोर्टल पर अभी काम चल रहा है। इसलिए दिक्कत आ रही है। पोर्टल खुलने के बाद पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने की बात कही जा रही है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत एक जनवरी 2017 को हुई थी। जिसमें पहली बार मां बनने वाली महिला को पांच हजार रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। वर्ष 2017 से अब तक जनपद में करीब 50 हजार लाभार्थियों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराए, जिसमें से 47 हजार महिला के खाते में 22 करोड़ से अधिक धनराशि भेजी जा चुकी है। मार्च के महीने से योजना का पोर्टल बंद कर दिया गया। इसके चलते तीन हजार लाभार्थी महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वे आशा और एएनएम से संपर्क कर रही हैं।
मातृ वंदना योजना 2.0 का पोर्टल होना है शुरू
शासन से मातृ वंदना योजना 2.0 का पोर्टल शुरू होना है। इसमें लाभार्थियाें का पंजीकरण आशा, एएनएम मोबाइल के माध्यम से करेंगी। जिसके लिए प्रति लाभार्थी उनको 250 रुपये दिए जाएंगे।
अब दूसरी संतान पुत्री होने पर मिलेंगे छह हजार रुपये
मातृ वंदना योजना 2.0 की शासन से प्राप्त हुई गाइडलाइन के अनुसार योजना में पहली संतान पांच हजार और दूसरी संतान संतान पुत्री होने पर छह हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा। यह धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी। इसमें जननी सुरक्षा योजना की धनराशि भी शामिल रहेगी।
मातृ वंदना योजना का पोर्टल मार्च से बंद हो गया है। अभी नए पोर्टल पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि इसी महीने पोर्टल चालू हो जाएगा। जिसके बाद पात्र लाभार्थी महिलाओं के पोर्टल पर आवेदन लिए जा सकेंगे। लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
अपूर्वा सैनी, जिला समन्वयक मातृ वंदना योजना