तोपखाना स्थित वाल्मीकि बस्ती में रविदास जयंती मनाई गई। इस मौके पर उनके फोटो पर माल्यार्पण करके विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर अविनाश तपन ने कहा कि दलित समाज में कई महापुरुषों ने जन्म लिया। इसमें संत रविदास का स्थान ऊंचा है।
उन्होंने दलित समाज के लिए ही नहीं बल्कि सर्व समाज की भलाई का कार्य किया। उन्होंने मनुष्य को ऊंच नीच भेदभाव जैसी कुुरीतियों का त्याग करके आपस में प्रेमभाव से रहने की शिक्षा दी। गोष्ठी की अध्यक्षता रामनाथ ने की जबकि संचालन धर्म कुमार ने किया। इस मौके पर अनिल राज, संजू प्रकाश, बाबी, आकाश, नीरज चौहान, शिवम, सुनील आदि लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा सेवा भारती द्वारा रविदास जयंती का कार्यक्रम चम्पा कुवरि धर्मशाला मेें किया गया। अध्यक्षता वीरेंद्र दीक्षित ने की तथा संचालन नगर अध्यक्ष सेवा भारती रविद्र कुमार गुप्ता ने किया। कहा कि उनका संदेश था कि हिंदू जीवन पद्धति जन्म और जाति नहीं कर्म प्रधान है।उन्होंने संपूर्ण भारतीय समाज को समरसता का संदेश दिया। ऐसे महान संत को शत- शत नमन किया। अखिल भारतीय रविदास युवक संघ ने गुरु श्री रविदासजी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर भजन भी प्रस्तुत किए। जेल रोड जाटव बस्ती स्थित धर्मशाला श्री संतराम में सबसे पहले
जिलाध्यक्ष प्रमोद सागर ने गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण और फिर दीप प्रज्जवलित किया। प्रमोद सागर ने कहा कि गुरुजी ने सदैव ऊंच-नीच, जातिवाद और भेदभाव का विरोध किया। इसके बाद भजन प्रस्तुत किया। जिलाध्यक्ष ने भारती वंदना कर भंडारे का आयोजन भी किया। इस अवसर पर रामप्रसाद सागर, सतपाल सागर, अमर सिंह, रमेश सागर, राजाराम सागर, रामौतार सागर, भारत सिंह, जसराज सागर, शिव कुमार सागर, भगवत सरन, रूप किशोर गौतम, राजू सागर,स बृजनंदन सागर, बिट्टू सागर, फूल सिंह सागर, हरिओम सागर भी थे।मिलक संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान सामाजिक बुराइयों को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के खाता कला से संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर प्रभातफेरी शुरूहुई। नगर में उनके अनुयायी तीन बत्ती चौराहे पर एकत्र हुए जहां पर संत की प्रभात फेरी का शाहबाद के पूर्व चेयरमैन पप्पू खां ने उद्घाटन किया। साथ ही पूरे नगर में प्रभातफेरी में शामिल लोगों ने भ्रमण किया और डेरा बाबा नगीना सिंह, डेरा जागीर सिंह पहुंचकर सभा में बदल गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित समाज ही समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को उखाड़ फेंक सकता है। कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और बेटे साथ बेटी को जरूर पढाएं।