रामपुर। सैफनी थाना क्षेत्र में 26 मई को हुई नईम की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू, नकदी, आभूषण और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है।
मोहल्ला गुलाबनगर निवासी नईम भूड़ा गेट के पास कैंटीन चलाता था। उसका शव नईम अनवर अली खान के भट्ठे के पास नई बस्ती स्थित उसके प्लॉट में बने कमरे में मिला था। पिता मुरव्वत की तहरीर पर पुलिस ने मुरादाबाद निवासी अफसर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन जांच में उसका नाम घटना में शामिल नहीं पाया गया।
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि पुलिस ने मझरा घाट गंगा तिराहे से दानिश निवासी मोहल्ला कादरी सैफनी, मोहसीम निवासी जटपुरा सैफनी और कासिम निवासी गुलाबनगर सैफनी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चारों मित्र थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने दावा किया कि नईम समलैंगिक था और उसने उनके कुछ वीडियो बना लिए थे और उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। इसी कारण उन्होंने उसकी हत्या की योजना बनाई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर रक्तरंजित कमीज, गमछा, नईम का मोबाइल फोन, सोने की चेन, चांदी की अंगूठी, 92 हजार रुपये नकद और एक बाइक बरामद की है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से ही हत्या की योजना बना रखी थी। दोपहर में तीनों ने नईम को नई बस्ती स्थित उसके प्लॉट में बने कमरे में बुलाया। पुलिस के अनुसार मोहसीम और कासिम ने नईम के पैर पकड़े, जबकि दानिश ने चाकू से उसका गला काट दिया। वारदात के बाद आरोपी कमरे में रखी नकदी, सोने की चेन और अंगूठी लेकर चले गए। पुलिस के मुताबिक बाद में वे एक सुनसान ट्यूबवेल पर पहुंचे, जहां खून लगे कपड़े धोए और मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया। कपड़े और चाकू जंगल में छिपा दिए गए।
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नईम ने खुद खरीदा था प्लॉट
एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि नईम ने नई बस्ती का प्लॉट अपने पैसों से खरीदा था। इसके बारे में उसके परिवार के लोगों को भी जानकारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार वहां से बरामद या लूटी गई नकदी भी नईम की कमाई की थी।
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सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से पहुंचे आरोपियों तक
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश में तीन टीमें लगाई गई थीं। जांच के दौरान 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल लोकेशन की पड़ताल की गई। मृतक के मोबाइल की अंतिम लोकेशन एक ट्यूबवेल के पास मिली थी। इसके बाद आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डाटा खंगाला गया और संदिग्ध नंबरों की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।