मिलक। रामपुर-बरेली मार्ग पर तहसील गेट के पास नाले के ऊपर बनाए गए दुकानों के निर्माण को लेकर नगर पालिका ने अब सख्त रुख अपनाया है। नगर पालिका की ओर से करीब 40 संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
खास बात यह है कि करीब एक वर्ष पहले भी लोक निर्माण विभाग की ओर से नाले पर किए गए इन निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उस समय कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब नगर पालिका की ओर से नोटिस जारी होने के बाद दुकानदारों में खलबली मची हुई है।
नोटिस में संबंधित स्थान को लोक निर्माण विभाग और नगर निकाय से संबंधित भूमि बताते हुए वहां किए गए निर्माण को अवैध बताया गया है। नगर पालिका ने संबंधित दुकानदारों को नोटिस प्राप्त होने के सात दिन के भीतर निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाने पर नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समय सीमा में निर्माण न हटाने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। ध्वस्तीकरण में होने वाला खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूल किए जाने की चेतावनी दी गई है।
इससे पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब एक वर्ष पूर्व भी दुकानदारों को नोटिस देकर नाले के ऊपर किए गए निर्माण को हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उस समय नोटिस के बाद कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब नगर पालिका की ओर से दोबारा नोटिस जारी किए जाने से मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नाले के ऊपर दुकान का निर्माण किए जाने के मामले में संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। सात दिन के भीतर स्वयं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के निर्देश पर जारी नोटिस में रामपुर-बरेली मार्ग के किनारे तहसील गेट के पास नाले के ऊपर दुकानों का निर्माण कराया गया है। राजस्व अभिलेखों के निरीक्षण में तहसील और रामपुर-बरेली मार्ग के किनारे संबंधित स्थान पर किसी व्यक्ति के नाम व्यक्तिगत भूमि दर्ज नहीं पाई गई है।
नाले के ऊपर किए गए निर्माण के लिए पालिका से किसी प्रकार का मानचित्र भी स्वीकृत नहीं कराया गया है। निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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दुकानदारों की बातचीत
हमारी दुकान करीब 70-80 साल पुरानी है। दुकान से संबंधित पुराने कागजात भी हमारे पास हैं। इतने वर्षों से यहीं कारोबार कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। दुकान टूटने से हमारे सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। -शाहिद मियां, दुकानदार
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करीब 50 साल से हमारी दुकान इसी स्थान पर है। अब अचानक इसे अवैध बताकर हटाने का नोटिस दिया गया है। यदि दुकान टूटती है तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन को पहले हमारे कागजात और पक्ष की जांच करनी चाहिए। -अयूब खान, दुकानदार
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हमारी पूरी आजीविका इसी दुकान पर निर्भर है। दुकान हटने के बाद हमारे पास कोई दूसरा रोजगार नहीं है। वर्षों पुरानी दुकान को तोड़ने से पहले हमें वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए। -अब्दुल हसन, दुकानदार
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हम लोग लंबे समय से यहां दुकानें चला रहे हैं। अब दुकान हटाने का नोटिस मिलने से परिवार के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन हमारी समस्या का समाधान निकाले। अगर दुकानें ध्वस्त कर दी गईं तो हमारे सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी। बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च इसी कारोबार से चलता है। हमारी मांग है कि अधिकारियों को मौके पर आकर पुराने दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। -मोहम्मद अकरम, दुकानदार