फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mukhtar Abbas Naqvi: मुख्तार अब्बास नकवी बोले; 'एक देश-एक चुनाव' आज वक्त की जरूरत

Wed, 31 Aug 2022 11:39 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

नकवी ने कहा कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने से ना केवल बेतहाशा जन धन की बर्बादी रुकेगी, वहीं बार-बार चुनावी प्रक्रिया और बंदिशों से विभिन्न विकास कार्यों में जो बाधा होती है वह भी खत्म हो सकेगी।
विज्ञापन
मुख्तार अब्बास नकवी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि एक देश-एक चुनाव आज वक्त की जरूरत है और सभी राजनीतिक दलों को इस दिशा में राजनैतिक पूर्वाग्रह छोड़कर सकारात्मक सोंच के साथ आगे बढ़ना होगा।

विज्ञापन


रामपुर में बुधवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि देश को इस महत्वपूर्ण चुनाव सुधार की दिशा में खुली सोच के साथ राजनैतिक हितों से ऊपर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी होगी। 
नकवी ने कहा कि देश में हर छह महीने में कहीं न कहीं कोई चुनाव होते हैं, और राजनीतिक पार्टियाँ हर समय में चुनाव मशीन बन जाती हैं।

नकवी ने कहा कि इससे जहां एक तरफ जन धन की बर्बादी होती है, वहीं दूसरी तरफ विकास कार्यो में बाधा पहुंचती है। साथ ही इससे लोगों में चुनावों के प्रति बढ़ती उदासीनता के चलते यह लोकतंत्र के पर्व को फीका बना रहा है। नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एक देश-एक चुनाव के लिए कई बार आह्वाहन कर चुके हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों का रवैया इस विषय पर उदासीन और नकारात्मक रहा है। लेकिन जनता चाहती है कि लगातार चुनावी चक्रव्यूह के चक्कर से बाहर निकले और एक देश-एक चुनाव की व्यवस्था लागू हो।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने से ना केवल बेतहाशा जन धन की बर्बादी रुकेगी, वहीं बार-बार चुनावी प्रक्रिया और बंदिशों से विभिन्न विकास कार्यों में जो बाधा होती है वह भी खत्म हो सकेगी। लोकसभा, विधानसभा के अतिरिक्त पंचायत, स्थानीय निकाय, विधान परिषद, कोआपरेटिव आदि के चुनाव भी होते रहते हैं। लेकिन कम से कम लोकसभा, विधानसभा चुनाव तो एक साथ कराने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुबह शाम पानी पी पीकर कोसने वाले उनके परिश्रम की पराकाष्ठा देख खुद पानी-पानी हो जाते हैं। आज भारत की सियासी संस्कृति परिवार के पालने में नहीं परिश्रम के परिणाम में बदल गई है। उन्होंने कहा कि देश में हुए विभिन्न आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक सुधार और बदलाव भारत की आने वाली पीढ़ी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और बेहतर और विश्वसनीय बनाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें