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Rampur: मुख्तार अब्बास नकवी बोले, 'वक्त के साथ चकनाचूर हो जाता है पावर का गुरुर और पोस्ट का सुरूर'

Sat, 12 Nov 2022 08:06 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

नकवी शनिवार को महात्मा गांधी स्टेडियम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से आयोजित पसमांदा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पावर के गुरुर, पोस्ट के सुरूर की राजनीति कभी लंबी नहीं चलती।
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ब्रजेश पाठक और मुख्तार अब्बास नकवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि पावर के गुरुर, पोस्ट के सुरूर की राजनीति कभी लंबी नहीं चलती। पावर का गुरुर, पोस्ट का सुरूर वक़्त के साथ चकनाचूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमें लोगों की बेहतरी और बहबूदी के लिए अपने को समर्पित करना चाहिए। आम लोगों को तरक्की के सफर का हमसफर बनाना हमारा संकल्प होना चाहिए। हमें बदले की सनक नहीं, बल्कि "बेहतरी की सोंच" के साथ काम करना चाहिए।

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नकवी शनिवार को महात्मा गांधी स्टेडियम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से आयोजित पसमांदा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इकबाल, इंसाफ, ईमान की सरकार ने राजा के रौब की सियासत को जनता के रुतबे की संस्कृत में बदल कर देश के सामने नजीर पेश किया है। उन्होंने कहा कि परिवार की परिक्रमा पॉलिटिक्स के पराक्रमियों को यह याद रखना चाहिए कि बदले की सनक बंटाधार करती है, बेहतरी की सोच उद्धार करती है।

उन्होंने कहा कि जहां कुछ राजनीतिक दलों ने उत्तर प्रदेश में "एम-वाई फैक्टर" को संकीर्ण सांप्रदायिकता का प्रतीक बना रखा था। वहीं, आज एम-वाई (मोदी-योगी) फैक्टर का मतलब समावेशी विकास, सर्वस्पर्शी सशक्तिकरण है। मोदी-योगी ने छद्म धर्मनिरपेक्षता और तुष्टीकरण के राजनीतिक छल को समावेशी सशक्तीकरण के बल से ध्वस्त किया है। नकवी ने कहा कि तमाम साजिशों के बावजूद हमारी संस्कृति-संस्कार-संविधान ने "अनेकता में एकता" की डोर को कमजोर नहीं होने दिया। समावेशी विकास के रास्ते में बाधाएं आईं भी तो हमारी इसी ताकत ने देश को रुकने नहीं दिया।
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नकवी ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में 12 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया। मुद्रा योजना के तहत 37 करोड़ 31 लाख से ज्यादा लोगों को स्वरोजगार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए आसान ऋण दिए हैं। 47 करोड़ से अधिक जरूरतमंदों को जन धन योजना के तहत अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा है। 2 करोड़ 70 लाख गरीबों को पक्के मकान दिए हैं, 9 करोड़ 50 लाख से अधिक गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क गैस कनेक्शन दिए हैं। आयुष्मान भारत के तहत 3 करोड़ 62 लाख से अधिक लोगों को निशुल्क चिकित्सा सेवा मुहैया कराई है। देश भर में 11 करोड़ 65 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। इन सभी योजनाओं के लाभार्थियों में 22 से 35 प्रतिशत अल्पसंख्यक वर्ग के जरूरतमंद शामिल हैं।उन्होंने कहा कि इन सभी प्रभावी परिणामों से हर जरूरतमंद की आंखों में खुशी और जिंदगी में खुशहाली सुनिश्चित हुई है।

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