जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक का माहौल शुरू से ही गरमाया रहा। भाजपा सांसद डा. नैपाल सिंह ने शुरू से ही मूड में दिखे, हर योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। अधिकारियों को जमकर हड़काया और खरी-खरी सुनाईं। सांसद के हर सवाल पर अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासों में लाभार्थियों से 50-50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मुद्दे पर भी अधिकारी जवाब नहीं दे सके। सांसद ने सुधरने की नसीहत दी। बोले, सब जानता हूं किसे फायदा पहुंचाया। चिंता मत करो अब सब ठीक हो जाएंगे।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भाजपा सांसद डा. नैपाल सिंह ने कड़े तेवर अपनाए। बैठक शुरू होते ही सांसद ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सांसद ने सबसे पहले बिजली विभाग को निशाने पर लिया। बोले, विद्युतीकरण में धांधली हो रही है। बिजली अधिकारियों से पूरा ब्योरा तलब किया। सांसद ने नराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। पेट्रोल पंपों में घटतौली और मिलावट हो रही है। गरीबों को सस्ता राशन नहीं मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल है। सरकारी तालाबों पर भी अवैध कब्जे कर लिए गए।
2016-17 में पैसे वालों के इंदिरा आवास बनवा दिए। गरीबों को आवास नहीं मिले। सांसद ने आवासों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी ली तो कोई भी अधिकारी जबाव नहीं दे सका। सांसद ने अधिकारियों को जमकर हड़काया। बोले, सब जानता हूं योजनाओं का किसे लाभ मिला है। चिंता मत करो सब ठीक हो जाएंगे। सांसद का मूड देखकर डीएम को बात संभालनी पड़ी। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों ने आवासों का गलत आवंटन किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सांसद ने गन्ना मूल्य भुगतान पर डीसीओ को निशाने पर ले लिया। कार्रवाई की बात जानी तो डीसीओ कुछ नहीं बता सके। सांसद का मूड बिगड़ा और निर्देश दिए कि 8 मई तक किसानों को सारा भुगतान मिल जाना चाहिए। वरना, प्रभारी मंत्री के सामने मामला उठाया जाएगा। भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गंगवार ने मुद्दा उठाया कि प्रधानामंत्री ग्रामीण आवासों के नाम पर लाभार्थियों से 50-50 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। सांसद केपूछने पर अधिकारी चुप रहे।