दो बच्चों साथ लेकर रेलवे स्टेशन पर घूम रही महिला उनको छोड़कर कहीं चली गई। बच्चे काफी देर तक अपनी मां का इंतजार करते रहे। मां के नहीं आने पर रोने लगे। बच्चों को रोता देख रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों ने उनसे पूछा तो बताया कि उनकी मां कहीं चली गई है। जीआरपी दोनों बच्चों को थाने ले आई।
पूछताछ में बच्चों ने खुद को प्रतापगढ़ निवासी बताया। जीआरपी ने दोनों मासूमों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे रेलवे स्टेशन पर एक पांच वर्षीय बालक और दो साल की बच्ची को लोगों ने रोते हुए देखा। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वो अपनी मां का इंतजार कर रहे हैं।
लोगों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी जब बच्चों के पास पहुंची तो लोगों ने बताया कि ये बच्चे सोमवार रात में महिला के साथ स्टेशन पर थे। मंगलवार सुबह महिला गायब हो गई और बच्चे अकेले रह गए। जीआरपी बच्चों को थाने ले आई और उनके परिजनों और पते के बारे में जानकारी हासिल की।
पांच वर्षीय बालक ने अपना नाम निखिल और छोटी बहन का नाम उजाला बताया। साथ ही मां का नाम मीरा और पिता का नाम रामकरन बताते हुए खुद को प्रतापगढ़ निवासी बताया। निखिल जीआरपी को इससे अधिक जानकारी नहीं दे पाया। जीआरपी ने मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति को दी।
बाल कल्याण समिति सदस्य जीआरपी थाने पहुंच गए और बच्चों को अपनी सुपुर्दगी में ले आए। बाल कल्याण समिति के सदस्य सुनील शर्मा ने बताया कि बच्चों को शिशु सदन भेज दिया गया है। बच्चे ने प्रतापगढ़ का रहने वाला बताया है। वहां संपर्क कर इनके परिजनों की तलाश की जा रही है।