रामपुर। बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार द्वारा एक मार्च से लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना को सफल बनाने में विभाग के अभियंताओं को तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। इसको लेकर अभियंताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। साथ ही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने, आवश्यक संसाधन मुहैया करवाने समेत विभिन्न समस्याओं को दूर करने की मांग की है।
बुधवार को विद्युत अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव विशाल मलिक के नेतृत्व में अभियंता अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद शाम को पांच बजे नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कहा कि उपभोक्ताओं के हित में एक मार्च से 15 मार्च तक के लिए ओटीएस योजना घोषित की गई है, परन्तु नौ दिन पश्चात भी संबंधित एमपावर पोर्टल कार्य नहीं कर रहा है। उसमें योजना के तमाम तकनीकी आंकड़ों को दर्ज करने की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे उपभोक्ताओं के रजिस्ट्रेशन कराने एवं बिल भुगतान में अत्यन्त कठिनाई हो रही है। अधिकतर समय तक सर्वर डाउन रहता है। इससे साफ है कि ओटीएस योजना को सफल बनाने में ऊर्जा निगम के उच्च प्रबन्धन की कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निगमों में एप, पोर्टल, आईटी के नाम पर तथा ईआरपी के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है। ईआरपी का जो सॉफ्टवेयर 30-40 करोड़ में मिल जाता है, वही सॉफ्टवेयर पावर कार्पोरेशन में लगभग 250 करोड़ में खरीदा गया है तथा इसके अतिरिक्त ट्रांसमिशन एवं उत्पादन निगम में अलग-अलग दरों पर सैकड़ों करोड़ रुपये में ये सॉफ्टवेयर खरीदे गए हैं। ऐसे में ऊर्जा निगमों में ईआरपी के नाम पर बड़े घोटाले को जन्म दिया गया है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अपील की कि ओटीएस योजना का लाभ जनता तक पहुंचाने में बाधक बन रहे एवं जनता में सरकार एवं विभाग की छवि खराब करने वाले अदूरदर्शी प्रबंधन पर तत्काल ठोस कार्रवाई की जाए। इस मौके पर सभी अभियंता मौजूद रहे।