रामपुर। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों और किशोरों पर जोखिम का खतरा अधिक होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए शासन ने 0 से लेकर 18 साल आयु तक के बच्चों और किशोरों के कोरोना उपचार के लिए 21700 किट उपलब्ध कराई गई हैं। जिनको ब्लॉक स्तर पर भेजा जा चुका है जहां से निगरानी समिति के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और किशोरों को मुहैया कराया जाएगा।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर काफी घातक साबित हुई थी। हालांकि दूसरी लहर में जिले में कोरोना संक्रमित हुए बच्चों की मौत का आंकड़ा काफी कम था लेकिन, तीसरी लहर में बच्चों और किशोरों पर जोखिम अधिक होने की आशंका के चलते इससे निपटने को लेकर तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) और हाई डिफेसिंसी यूनिट (एचडीयू) बनाई गई है। इसके साथ ही बच्चों और किशोरों को कोरोना उपचार के लिए दवाओं की किट भी मुहैया कराई गई हैं। इसमें 0 से 12 माह, एक से पांच वर्ष, छह से 12 वर्ष और 13 से 18 वर्ष आयु के आधार पर दवाओं की किट तैयार की गई है। जिसमें दवाएं और उनकी डोज आयु वर्ग के आधार पर निर्धारित की गई हैं।