रामपुर में रविवार की शाम तिलक कालोनी में केमिकल के गोदाम में लगी भयंकर आग।
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रामपुर। मैंथा तेल के गोदाम में आग लगने के बाद चंद मिनट में ही पूरा इलाका धमाकों में गूंज उठा। आलम यह था कि ड्रम फटने के बाद 15 से 20 मीटर ऊंची आग की लपटें उठ रहीं थीं। आसमान के काले धुएं का गुबार था, जिसे देख लोग अस्पताल की तरफ दौड़े चले आए। यही नहीं स्वार रोड पर भी लोगों का जमावड़ा हो गया। बाद में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीएसी बुलाई गई, जिसके बाद मौके से भीड़ को हटाया गया। इस दौरान क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए।
तिलक कॉलोनी में संचालित मैंथा के गोदाम में शाम के समय आग लगी थी। लेकिन, मैंथा और अन्य केमिकल का स्टॉक इतना अधिक था कि आग तेजी से फैलती चली गई। चंद मिनट में ही ड्रम तेज धमाकों के साथ फटने लगे। एक के बाद एक कई ड्रम फटे। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसमान में काला धुआं ही नजर आ रहा था। आग की लपटें 15 से 20 मीटर ऊंची उठ रहीं थीं। घटनास्थल के पास भी जाना आसान नहीं था। इससे मुहल्ले और अस्पताल के लोग दहशत में आ गए। शहर के दूसरे इलाकों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। अस्पताल के आसपास के अलावा स्वार रोड पर भी लोगों का हुजूम दिखाई दिया। आलम यह था कि बाद में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीएसी तक बुलानी पड़ गई। माना जा रहा है कि इस आग की वजह से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई लोगों के मकान तक क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
घनी आबादी में चल रहा था मैंथे का कारोबार, पड़ोसियों तक को नहीं थी भनक
रामपुर। तिलक कालोनी में संचालित मैंथे का कारोबार घनी आबादी में चल रहा था। यहां तक कि आसपास के लोगों को भी इसकी भनक नहीं थी कि यहां इतने बड़े पैमाने पर मैंथा और केमिकल का स्टॉक है। ऐसे में अफसरों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो एक युवक ने गोदाम में मैंथे के कारोबार को लेकर शिकायत भी की थी कि यहां मैंथे में मिलावट की जाती है, जो बाद में बेच दिया जाता है। लेकिन, इस बावत कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि इतना बड़ा हादसा हो गया।