संवाद न्यूज एजेंसी
स्वार (रामपुर)। गांव मिलक भूरे खां का मुख्य मार्ग लंबे समय से बदहाल है। जगह-जगह टूटी सड़क में बने गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
केलाखेड़ा–स्वार मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाला यह मार्ग अब तक पक्का नहीं हो सका है। इस बारिश में लोगों का गांव से बाहर निकलना मुश्किल बना हुआ है। पठानों वाले मजरे से कोयली तक मार्ग खड़ंजे का है। इसी मार्ग के बीच में मिलक भूरे खां गांव पड़ता है। गांव के आसपास के कई संपर्क मार्ग पक्के हो चुके हैं, लेकिन मिलक भूरे खां का रास्ता अभी भी बदहाल है। कोयली से आगे बालकराम का मजरा, मिलक ताज खां समेत आसपास के गांव पक्की सड़कों से मुख्य मार्ग से जुड़े हुए हैं। इसकी लंबाई लगभग दो किलोमीटर के आसपास है।
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बारिश में बढ़ जाती है समस्या
बरसात में सड़क पर पानी और कीचड़ एकत्र हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को निकलने में परेशानी होती है। सड़क संकरी होने के कारण वाहन आमने-सामने आ जाएं तो एक वाहन को खेत में उतारना पड़ता है। इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने के साथ विवाद की स्थिति भी बनती है।
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बच्चों और मरीजों को होती है ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क का असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों पर सबसे अधिक पड़ता है। बरसात में बच्चों को कीचड़ और पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में सड़क की खराब स्थिति के कारण एक बुजुर्ग को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हुई और उनकी मौत हो गई।
वर्जन
गांव का संपर्क मार्ग लंबे समय से खराब है। बारिश में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। इस बारिश में खड़ंजे से गुजरना कष्टदायक बना हुआ है। -शादाब खां, पठानों वाला मजरा
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फोटो गुलफान खां
आसपास के गांवों की सड़कें पक्की हो चुकी हैं, लेकिन मिलक भूरे खां का मुख्य मार्ग अभी तक बदहाल है। शिकायतों के बाद भी सुधार नहीं हो सका है। -गुलफान खां, पठानों वाला मजरा
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खराब सड़क से स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। मार्ग का निर्माण जल्द कराया जाना चाहिए। ताकि लोगों को सहूलियत मिल सके। -कपिल राणा, मिलक भूरे खां
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संकरी सड़क होने के कारण वाहनों को खेतों में उतारना पड़ता है। इससे किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। -राकेश राणा, मिलक भूरे खां
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पठानों वाला मजरा से मिलक भूरे खां होकर कोयली-मिलकताज खां रोड तक यह सड़क प्रस्ताव में शामिल है। स्वीकृत के बाद धनराशि आवंटित होने के बाद निर्माण शुरू होगा। शफीक अहमद अंसारी, विधायक