पूर्व सीओ आले हसन के खिलाफ पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। आले हसन के खिलाफ रामपुर में 32 मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पूर्व सीओ भूमिगत चल रहे हैं। पुलिस को ऐसी सूचना मिली थी कि आले हसन विदेश भाग जा सकते हैं, इसको देखते लिए लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है।
आले हसन की पुलिस अधिकारी के रूप में लंबे समय तक रामपुर में तैनाती रही है। उनकी तैनाती यहां दरोगा से लेकर सीओ तक की रही है। सेवानिवृत होने के बाद उनको जौहर यूनिवर्सिटी में सुरक्षा अधिकारी के पद पर तैनाती मिल गई थी। आले हसन के खिलाफ अजीमनगर थाने में किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में सांसद आजम खां के साथ 27 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उन पर डूंगरपुर में लोगों के घर पर बुल्डोजर चलवाने और लूटपाट करने के भी पांच मुकदमे गंज थाने में दर्ज हैं।
आले हसन की गिरफ्तारी को पुलिस ने दबिश भी दी थी, लेकिन वह भूमिगत चल रहे हैं। पुलिस रामपुर से लेकर बुलंदशहर तक उनका सुराग लगाने की कोशिश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। ऐसे में पुलिस ने उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। एसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि पूर्व सीओ आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है।
क्या होता है लुक आउट नोटिस
लुक आउट सर्कुलर (रुह्रष्ट) एक सर्कुलर लेटर है, जिसका इस्तेमाल आव्रजन अधिकारियों द्वारा किसी आरोपी व्यक्ति को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इस लुक आउट सर्कुलर से भागे हुए अपराधियों का पता लगाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। लुक आउट नोटिस का उपयोग अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों या समुद्री क्षेत्र, बंदरगाहों) पर आव्रजन जांच में किया जा सकता है। लुक आउट नोटिस जारी करने वाली एजेंसी से अनुरोध मिलने पर आव्रजन अधिकारी आरोपी व्यक्ति को हिरासत में भी ले सकते हैं।