कुंदनपुर खादर में बीते चार माह में कई बार देखा जा चुका है तेंदुआ, फिर भी नहीं लगा पिंजरा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
स्वार। मसवासी क्षेत्र के गांव कुंदनपुर के खादर में तेंदुए की चहलकदमी का एक वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बुधवार सुबह एक फार्म हाउस पर काम करने वाले ग्रामीण रफीक अहमद ने भी तेंदुए को गन्ने के खेत में घूमते हुए देखा, जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार खादर के रास्ते से होकर प्रतिदिन कई कर्मचारी और मजदूर स्टोन क्रशर व खेतों में काम करने जाते हैं, लेकिन तेंदुए के खौफ के चलते दैनिक वेतनभोगी मजदूर काम पर जाने से कतरा रहे हैं। वहीं किसानों को भी अपनी फसलों की रखवाली में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कोसी नदी के नजदीक होने और गन्ने की अधिक पैदावार के कारण कुंदनपुर का खादर तेंदुए के लिए अनुकूल इलाका बन गया है।
क्षेत्र में कुत्तों, जंगली खरगोशों व अन्य पशुओं की भरमार होने से तेंदुए को भोजन भी आसानी से मिल जाता है। इसी वजह से बीते चार माह में तेंदुआ सबसे अधिक इसी क्षेत्र में देखा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ यहीं से आसपास के गांवों में चला जाता है और फिर वापस कुंदनपुर के खादर में लौट आता है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से धर्मपुर उत्तरी और करीमपुर में पिंजरे लगाए गए हैं, जबकि तेंदुए का मुख्य ठिकाना कुंदनपुर का खादर माना जा रहा है, जहां अब तक पिंजरा नहीं लगाया गया है। इसी कारण तेंदुआ पकड़ से बाहर है।
ग्रामीण सरदार परमजीत सिंह उर्फ पम्मा, रफीक अहमद, कलुआ ठेकेदार आदि ने विभाग के उच्चाधिकारियों से अनुभवी वन विभाग कर्मियों की तैनाती और कुंदनपुर खादर में पिंजरा लगाने की मांग की है।