मसवासी में वन विभाग की लापरवाह कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मसवासी। क्षेत्र में बीते पांच माह से तेंदुए की लगातार चहलकदमी से ग्रामीण दहशत में हैं, लेकिन वन विभाग अब तक उसे पकड़ने में नाकाम साबित हुआ है। तेंदुए की बढ़ती सक्रियता और वन विभाग की लापरवाह कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बीते पांच माह से तेंदुआ जमना-जमनी, करीमपुर, वेलवाड़ा, हसनपुर उत्तरी के मझरा शेखुपुरा तथा कुंदनपुर के खादर सहित कई गांवों में सक्रिय है। इस दौरान तेंदुआ पालतू और निराश्रित पशुओं को अपना शिकार बना चुका है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा बिजारखाता गांव में पूर्व उपप्रधान जाफर अली पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया था।
बीते मंगलवार को कुंदनपुर के खादर क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की चहलकदमी देखी गई। सरदार परमजीत सिंह के खेत में तेंदुए के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों में फिर से दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार गांव-गांव घूमकर आतंक मचा रहा है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण परमजीत सिंह, जोगा सिंह, अतीक, शमशेर सिंह, जोगिंदर सिंह व कमल सिंह ने आरोप लगाया कि तेंदुए की सूचना मिलने के कई दिन बाद वन विभाग क्षेत्र में कांबिंग करता है। इसके बाद औपचारिकता निभाते हुए पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांध दी जाती है, लेकिन दो-तीन दिन बाद पिंजरे को खाली छोड़ दिया जाता है।
डीएफओ प्रणव जैन ने बताया कि विभागीय टीमें लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम को क्षेत्र में नियमित रूप से कांबिंग करने के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।