बिलासपुर। बार एसोसिएशन बिलासपुर व बिलासपुर लॉयर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को एक नायब तहसीलदार पर दाखिल खारिज आदि लंबित कार्य को लेकर हंगामा किया। उन्होंने नायब तहसीलदार का घेराव कर खरी-खोटी सुनाई। बाद में एसडीएम ने दोनों पक्षों के बीच वार्ता कर विवाद को शांत किया।
बृहस्पतिवार की दोपहर करीब 1 बजे दोनों संगठन के तमाम अधिवक्ता तहसील में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार राजेश कुमार सिंह यादव पर दाखिल खारिज व अन्य कार्य लंबित रखने व किसानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। वकीलों का आरोप है कि नायब तहसीलदार राजेश कुमार सिंह यादव अपने कार्यालय में नहीं बैठते हैं और ज्यादा समय वह तहसीलदार कार्यालय में ही रहते हैं। जिसके कारण उनके कार्यालय के कार्य तमाम कार्य लंबित पड़े हुए हैं। जिसकी वजह से किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस बीच वकीलों ने नायब तहसीलदार को एसडीएम कार्यालय में जाते वक्त तहसील में ही उनका घेराव कर लिया। घेराव के दौरान दोनों पक्षों के बीच खासी नोकझोंक हुई।
आरोप है कि अधिवक्ताओं ने उन्हें खासी खरी-खोटी सुनाईं। इसके बाद एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने वकील व नायब तहसीलदार तथा तहसीलदार निश्चय कुमार आदि को अपने कार्यालय में वार्ता के लिए बुला लिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के बाद तय हुआ एसडीएम राजेश कुमार सिंह यादव अब केवल फील्ड का कार्य देखेंगे। ऑफिस व न्यायिक कार्य की जिम्मेदारी दूसरे नायब तहसीलदार सचिन कुमार को दी गई। एसडीएम के इस निर्णय से सभी वकील शांत हो गए। एसडीएम ने बताया कि नायब तहसीलदार आरोपों को गलत बता रहे हैं, लेकिन फिर भी नायब तहसीलदार के कार्य क्षेत्र में बदलाव कर दिया गया है, जिससे सभी अधिवक्ता संतुष्ट हैं। नायब तहसीलदार के न्यायालय के न्यायिक व ऑफिस कार्य की जिम्मेदारी दूसरे नायब तहसीलदार सचिन कुमार को दे दी गई है। वहीं अब उच्च अधिकारियों के निर्देशन में कार्य संपादित करेंगे।