रामपुर। लॉकडाउन की वजह से उत्तराखंड में फंसे 157 श्रमिकों को मंगलवार को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। उत्तराखंड प्रशासन और रामपुर प्रशासन ने संयुक्त रूप से पहले तो श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई और इसके बाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठाया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। जीआरपीएफ, आरपीएफ और सिविल पुलिस के जवान पूरे स्टेशन पर तैनात रहे।
लॉकडाउन की वजह से दूसरे प्रदेशों के कई लोग अलग अलग प्रदेशों में फंस गए हैं। रेल एवं सड़क यातायात बंद होने की वजह से लोग अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। रामपुर की सीमा से सटे उत्तराखंड के गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर एवं उधम सिंह नगर में भी पश्चिम बंगाल के तमाम मजदूर फंसे हुए हैं। इन मजदूरों की ओर से लगातार उत्तराखंड सरकार से संपर्क स्थापित कर घर भेजे जाने की गुहार लगाई जा रही थी। इसी वजह से मंगलवार को श्रमिक स्पेशल एक ट्रेन हरिद्वार से पश्चिम बंगाल के मालदा के लिए रवाना की गई। मंगलवार को शाम सात बजे ट्रेन रामपुर पहुंचनी थी, जिसके लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामभरत तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदम्बा प्रसाद गुप्ता, तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार तमाम पुलिस अफसरों के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच गए। जीआरपी, आरपीएफ एवं सिविल पुलिस के जवान भी आ गए। प्लेटफार्म नंबर एक लेकर तीन तक पुलिस के जवान तैनात हो गए। उत्तराखंड से मजदूरों को लेकर पांच बसें दोपहर करीब तीन बजे यहां आ गईं। उधम सिंह नगर के तहसीलदार भूपेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में बसें यहां आईं। बसों में 151 यात्री सवार थे। इसके बाद बसों से यात्रियों को उतारकर प्लेटफार्म नंबर एक पर लाया गया। इस दौरान श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई। शाम करीब सात बजे ट्रेन आ गई, जिसके बाद सभी यात्रियों को ट्रेन में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठाया गया। शाम को साढ़े सात बजे ट्रेन पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गई।