स्वार (रामपुर)। पीपली वन बेखौफ वन माफिया ने बुधवार की रात बीट नंबर 11 से चार खैर के पेड़ काट लिए। वन विभाग की टीम ने ललकारा तो तस्करों ने वन विभाग की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। वन विभाग की ओर से भी फायरिंग की गईं। इस दौरान 10 राउंड से अधिक गोलियां चलाई गईं। बाद में तस्कर लकड़ी छोड़कर भाग गए।
अवैध कटान और अन्य शिकायतों के चलते लगभग पांच माह पहले डिप्टी रेंजर, दरोगा, दो फारेस्ट गार्ड निलंबित किए गए थे। पिछले महीने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेंजर मुजाहिद हुसैन को भी निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद लगभग एक सप्ताह वन में शांति रही लेकिन बुधवार की रात खैर तस्करों ने इस खामोशी को खत्म करते हुए आरे और कुल्हाड़ियों से खैर के चार भारी भरकम पेड़ काट लिए और लकड़ी आसानी से बाहर निकाल कर ले आए।
जैसे ही वन विभाग की टीम को तस्करों ने देखा तो फायरिंग शुरू कर दी। डीएफओ प्रणव जैन ने बताया कि वन विभाग की टीम की ओर से जवाबी फायरिंग की गई। करीब 10 राउंड फायर हुए और तस्कर खैर की लकड़ी को छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि जांच कराई जा रही है कि कितने पेड़ काटे गए हैं।
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बदनाम वनकर्मी फिर पीपली में तैनात
सूत्रों ने जमकरी दी है कि अवैध कटान की शिकायतों के चलते जिन वन कर्मियों को पीपली से हटाया गया था उन्हें फिर से पीपली वन में तैनात कर दिया गया है। आर्य नगर बीट में कपिल और अंबर बीट में धर्मेन्द्र और सोरन सिंह की तैनाती फिर से हुई है। इन्हें पीपली में आए लगभग 15 दिन हो गए हैं। इन कर्मियों में दो न्यूनतम संविदा और एक नियमित कर्मी बताया गया है।