रामपुर। गाजियाबाद में साथियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर वकीलों का गुस्सा कम होता नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को भी वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। वकीलों ने इस दौरान साफ किया कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वकीलों का आंदोलन जारी रहेगा।
गाजियाबाद में 29 अक्तूबर को वकीलों का जिला जज से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया था। इस घटना के विरोध में हाईकोर्ट बैंच स्थापना संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर स्थानीय वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों की सभा हुई। इसके बाद घटना का विरोध जताया, साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में वकीलों ने जिला जज गाजियाबाद के कार्य की निंदा की गई। वहीं वकीलों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वकील सड़कों पर उतरेंगे। इस दौरान अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, महासचिव शिव नरेश तोमर,सौरभ सक्सेना, सतनाम सिंह मट्टू, अवधेश अग्रवाल, कुंवर पाल सिंह, शहाब शाकिर, राहुल सिंह, संजीव यादव, सिराज खां, अमरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। न्यायिक कार्य न किए जाने से वादकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्वार में पांचवें दिन भी हड़ताल पर रहे वकील
स्वार। गाजियाबाद के कोर्ट रूम में वकीलों के ऊपर हुए लाठीचार्ज की घटना के विरोध में चल रही वकीलों की बेमियादी हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रही। वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य न किए जाने से वादकारियों को परेशानी हुई।सोमवार के दिन स्वार के वकीलों ने गाजियाबाद में वकीलों पर पुलिस द्वारा कोर्ट के अंदर घुसकर लाठीचार्ज की घटना को लेकर सोमवार के दिन ज्ञापन दिया था और उसी दिन से वह न्यायिक कार्य के बहिष्कार करते हुए बेमियादी हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के चौथे दिन बार एसोसिएशन और सीनियर बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने और पीड़ित वकीलों को दस-दस लाख का मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। पांच दिन बीतने के बाद भी इस संबंध में कोई समाधान सामने नहीं आया है। स्वार में वकीलों की हड़ताल के चलते वादकारी अपने मुकदमों की तारीखें लेकर चले गए।