जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर की सड़क को सरकारी बताते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने वहां आम रास्ते का बोर्ड तो लगा दिया लेकिन बृहस्पतिवार को इस पर अमल नहीं कराया जा सका। इसका कारण यूनिवर्सिटी का गेट है, जिसे हटाए बिना सड़क का स्वरूप आम रास्ते जैसा नहीं हो सकता। गेट को हटाने की कोशिश रोकने के लिए यूनिवर्सिटी के पास पहले से हाईकोर्ट का स्टे है। लिहाजा अपने फैसले पर अमल कराने में फिलहाल लोक निर्माण विभाग भी ठिठक गया है।
40 में से 38 भवनों को किया है अवैध घोषित
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष एवं डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 में से 38 भवनों को बिना नक्शा पास कराए निर्मित मानते हुए उन्हें अवैध घोषित कर दिया है। प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 20 दिन के भीतर इन भवनों को स्वयं हटाने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर आरडीए की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
आजम खां की पत्नी बोलीं- 15 दिन का समय दिया गया
इसी बीच, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय परिसर से होकर गुजरने वाली तीन किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित करते हुए मुख्य गेट पर बोर्ड लगा दिए हैं। उधर, आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि संस्थान को 15 दिन का समय दिया गया है और प्रबंधन कानूनी सलाह लेकर अपना पक्ष रखेगा। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में बैठे पुलिसकर्मियों को बाहर करवा दिया। उन्हें कहा कि हमारे पास कोर्ट का आदेश है और इस तरह प्रशासन और पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में नहीं बैठ सकते हैं।
हाईकोर्ट में लंबित है मामला
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता किशन वीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया था, जिससे आम लोगों और विभागीय अधिकारियों का आवागमन बाधित हो गया। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किए और मामला अदालत पहुंच गया। फिलहाल यह विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है।
अभी अंतिम फैसला आना बाकी
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने सड़क को हुए नुकसान के मामले में विश्वविद्यालय को 30 प्रतिशत राशि जमा करने का निर्देश दिया था, जबकि गेट हटाने या बनाए रखने के मुद्दे पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। विभाग ने सड़क को सार्वजनिक बताते हुए परिसर के भीतर भी अतिरिक्त बोर्ड लगाने की तैयारी की है।
संस्थान रखेगा अपना पक्ष
उधर, विश्वविद्यालय को ध्वस्तीकरण नोटिस मिलने के बाद आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि संस्थान को 15 दिन का समय दिया गया है और प्रबंधन कानूनी सलाह लेकर अपना पक्ष रखेगा।
अखिलेश ने भाजपा पर बोला हमला
इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भाजपा शिक्षा को भी सांप्रदायिक नजरिए से देखती है और जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई निंदनीय है।