सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को हाईकार्ट से झटका लगा है। उन्होंने याचिका दायर कर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अजीम नगर थानाध्यक्ष पर जौहर यूनिवर्सिटी में अव्यवस्था फैलाने की बात कही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज करते हुए उन पर हर्जाना लगाया।
सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से 50 हजार रुपये हर्जाना वसूला जाएगा। इसके लिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने डीएम को हर्जाना वसूलने के आदेश दिए हैं। वसूली गई धनराशि हाईकोर्ट की लीगल सर्विस कमेटी के पास जमा कराई जाएगी।
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2022 में सपा नेता आजम खां और अब्दुल्ला आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें प्रदेश सरकार के सचिव, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अजीम नगर थानाध्यक्ष को पक्षकार बनाया था।
उनका आरोप था कि प्रशासन जबरन जौहर यूनिवर्सिटी में अव्यवस्था फैला रहा है, जिस पर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और राहुल चतुर्वेदी की बेंच ने सुनवाई करते हुए सपा नेता की याचिका को खारिज करते हुए 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया था।
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आदेश के एक साल तीन माह बाद भी आरोपियों ने हर्जाना जमा नहीं किया, जिस पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल डीएम रामपुर को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि आजम से भू राजस्व की तर्ज पर हर्जाना की वसूली की जाए और हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराया जाए।