कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और उपचार को लेकर प्रशासन ने सांसद आजम खां के जौहर विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज/अस्पताल का अधिग्रहण कर लिया है। जौहर विवि के अस्पताल में चार सौ बेड में सौ सौ बेड प्रयोग अवस्था में हैं तो वहीं मरीजों के उपचार से लेकर ओपीडी, दवाओं के स्टॉक करने, डाक्टर और अन्य स्टाफ के रहने, खाने आदि की भी व्यवस्था है। अब यहां कोरोना आशंकितों और संक्रमितों को क्वारंटीन और आइसोलेट किया जाएगा।
जिले में कोरोना वायरस की रोकथाम और इससे संक्रमितों को तलाश कर उपचाराधीन करने के लिए प्रशासन बड़ी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। कोरोना से निपटने के लिए शुक्रवार को ही प्रशासन ने जिले के 9 निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को टेकओवर कर लिया था।
इसके बाद अब प्रशासन ने लोकसभा सांसद आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले जौहर विवि और उसमें स्थित मेडिकल कालेज/अस्पताल को भी टेकओवर कर लिया है। इस संबंध में कई लोगों ने सुझाव भी दिए थे। आजम खां के जौहर विवि स्थित अस्पताल में कुछ महीनों पहले तक ओपीडी संचालित होती थी और चार सौ बेड के इस अस्पताल में सौ बेड क्षमता के अस्पताल के लिहाज से सभी उपकरण और बेड हैं।
इस अस्पताल में करीब 25 चिकित्सकों के रुकने के लिए आवास और खाने आदि के मेस की भी सुविधा है। लिहाजा इसे संचालित करने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी।
कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के चलते प्रदेश के सभी स्कूल-कालेज और विवि बंद चल रहे हैँ और छात्रावासों को भी खाली कराया जा चुका है। ऐसे में जौहर विवि के भवन और इसमें स्थित अस्पताल का प्रयोग कोरोना संक्रमितों और आशंकितों के उपचार और भर्ती करने के लिए किया जा सकता था। लिहाजा प्रशासन ने इस संबंध में निर्णय लेते हुए जौहर विवि और इसके अस्पताल को टेकओवर करने का निर्णय ले लिया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर जौहर विवि और अस्पताल के अधिग्रहण किए जाने की प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा गया है। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 को लेकर निजी अस्पतालों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी क्रम में जौहर विवि और इसके अस्पताल को अधिग्रहीत करने के आदेश जारी किए गए हैं।