रामपुर। शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल बाजार नसरूल्ला खां भी अक्सर जाम की चपेट में रहता है। इस बाजार के हालात यह है कि आधी सड़क पर ठेले-रेहड़ी वालों का कब्जा रहता है तो रही सही कसर बेतरतीब खड़े वाहन पूरे कर देते हैं। ऐसे में मार्ग संकरा होने की वजह से लोगों को आने जाने में काफी परेशानियां होती हैं।
अतिक्रमण की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ती जा रही है। न सिर्फ गलियों और मोहल्लों में, बल्कि शहर के बाजारों में भी अतिक्रमण की भरमार है। लोगों ने जहां तहां खोखे खोल लिए हैं, तो रेहड़ी, पटरी वालों की वजह से भी जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि रामपुर के किसी भी मार्केट में पार्किंग के मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। कुछ ऐसा ही हाल बाजार नसरूल्ला खां का है। चाकू बाजार और मिस्टन गंज के लिए भी इस मार्केट से रास्ता जाता है, जहां कपड़े, जूते चप्पल, ज्वैलरी, कास्मेटिक आदि विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी हुई नजर आती हैं। किन्तु, कोई ट्रैफिक प्लान और पार्किंग का मुकम्मल इंतजाम न होने की वजह से मार्केट में अक्सर जाम लग जाता है। लोग बाजार में दुकानों के सामने ही वाहन खड़े कर चले जाते हैं। इसके अलावा कुछ दुकानदार भी अपनी दुकानें बाहर तक सजा लेते हैं, जिससे मार्ग और संकरा हो जाता है। ऐसे में शाम और दोपहर के समय बाजार में भीड़ अधिक रहती है, जिससे घंटों जाम लगा रहता है। आलम यह रहता है कि बाजार में से वाहन निकालना तो दूर पैदल भी निकलना मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों के साथ ही बाजार में दुकानदारों को भी काफी दिक्कतें होती हैं। नगर पालिका की बात की जाए तो इस दिशा में कोई ठोस प्लानिंग तक नहीं बनाई गई है। ऐसे में दिक्कत दिन और दिन बढ़ती जा रही है।