बिलासपुर। शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा नवाबगंज में रविवार को साप्ताहिक धार्मिक समागम हुआ। जिसमें विभिन्न जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। जत्थों ने शबद कीर्तन के जरिए गुरुओं का इतिहास दोहराया। गुरु का अटूट लंगर भी पूरे दिन बरताया गया। समागम में यूपी उत्तराखंड की संगत ने भाग लिया।
ग्राम नवाबगंज स्थित शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारे में रविवार को साप्ताहिक धार्मिक समागम मनाया गया। सुबह करीब पांच बजे नित नेम का पाठ मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर की मौजूदगी में हुआ। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने अरदास कराई। इसके बाद सुबह करीब नौ बजे दीवान हाल में सजाए गए स्टेज पर जत्थों ने शबद कीर्तन शुरू किया। जिसमें भाई खजान सिंह बिलासपुर, भाई परमजीत सिंह मनु नगर, भाई पलविंदर सिंह रायपुर के जत्थों ने अलग-अलग शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। जत्थों ने शबद कीर्तन के जरिए गुरुओं के इतिहास पर प्रकाश डाला। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसपाल सिंह ने चौपेरा साहिब का पाठ कर संगत को निहाल किया। दीवान शाम का करीब चार बजे तक चला। समागम में यूपी उत्तराखंड की संगत श्री गुरु महाराज की पालकी और शहीद बाबा दीप सिंह की समाधि के समक्ष मत्था टेककर आशीर्वाद ले रही थी। गुरु का अटूट लंगर भी पूरे दिन भर बरताया गया। गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक सामग्री के स्टाल भी लगाए गए थे, जहां संगत ने धार्मिक सामग्री की खरीदारी की। शाम को गुरुद्वारे में आरती भाई दर्शन सिंह ने की। इसके बाद सभी संगत को प्रसाद भी वितरित किया गया। व्यवस्था में मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर, गुरदीप सिंह, जश्नप्रीत सिंह, शमशेर सिंह मंड, परमजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, गुरपिंदर सिंह औलख, सुखविंदर सिंह, रणजीत सिंह, दलजीत सिंह, जसविंदर कौर, कुलवंत कौर, हरप्रीत कौर, अमरजीत कौर, दलजीत सिंह आदि मुख्य थे।